सेहत सुविधाएं देने से पहले सुरक्षा जांचने पहुंची टीम
-- सीएचसी डोईवाला में निजी डॉक्टराें की सेवाएं लेने का चल रहा है विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला व हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के बीच समझौते के बाद अस्पताल में व्यवस्थाओं को देखने के लिए टीम पहुंची। अस्पताल में निजी डॉक्टरों की सेवाएं लेने के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन कर रही है। आंदोलन से जुडे़ लोगों द्वारा हंगामे की आशंका के दृष्टिगत हिमालयन अस्पताल से पर्याप्त सुरक्षाकर्मी सरकारी अस्पताल डोईवाला आए थे। परिस्थितियां सामान्य देखने के बाद टीम ने सहमति जताई। हालांकि एसआरएचयू की ओर से बताया गया कि व्यवस्थाओं को बनाने के लिए सिक्योरिटी रखी गई थी।
राज्य सरकार द्वारा हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के साथ मिलकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी बहस हो रही है। फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप में निर्णय को लेकर लोगों की सकारात्मक और नकारात्मक टिप्पणियों को दौर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया में प्रबुद्ध लोग सरकार के निर्णय को परखने के लिए समय देने की वकालत कर रहे है।
भाजपा ने की राज्य सरकार की सराहना
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में हिमालयन अस्पताल के चिकित्सकों की सेवाएं मिलना शुरू होने पर भाजपा ने खुशी जाहिर की है। उन्होने कहा है कि विपक्ष चाहे कुछ सरकार का यह फैसला जनता को लाभान्वित करेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता करन बोरा ने कहा कि निशुल्क निस्वार्थ समझौता डोईवाला के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता को सरकार के इस निर्णय के लाभ बता रहे है। मंदीप बजाज, आनंद अग्रवाल, सुशील जायसवाल, मनवर नेगी, रोहित क्षेत्री, गौरव जोशी, लच्छीराम लोधी आदि ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।