रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
एचआरडीए की योजना सिरे चढ़ी तो आम लोगों को भू-माफियाओं के चक्रव्यूह से निजात मिलकर अपने घर का भी साकार होगा। एचआरडीए राज्य की लैंड पुलिंग नीति के अंतर्गत जमीन लेकर प्लाटिंग कर लोगों को बेचेगा। इससे होने वाली आय से अपने खर्चों के साथ विकास कार्य भी कराएगा। योजना के तहत किसी क्षेत्र के किसान ग्रुप बनाकर जमीन बेचने का ऑफर देते हैं तो वह लाभकारी रेट देकर खरीदने की कार्रवाई करेगा।
भू-माफियाओं ने जमीनों के रेट आसमान पहुंचा दिए थे। बिना ब्लैकमनी के प्लॉट खरीदना पहुंच से बाहर कर दिया गया था। नोटबंदी, बैंक खातों को आधार नंबर से लिंक करने और दो लाख रुपये से अधिक का नगद लेन-देन पर रोक के बाद से भू-माफियाओं के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। भू-माफियाओं घबराहट इससे और बढ़ गई हैं कि अब जमीनों को भी आधार से लिंक करने की तैयारी है। जिससे बड़े स्तर पर बेनामी संपत्तियों का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। लोगों को घर बनाने के लिए सरकारी सर्किल रेट तथा मान्य बाजार रेट से जमीन नहीं मिल रही हैं क्योंकि भू-माफियाओं ने जमीन के रेट लोगों की पहुंच से कहीं अधिक बढ़ा रखें है जिसके लिए ब्लैकमनी चाहिए जो आम नौकरी पेशा लोगों के पास है नहीं। इस प्रकार चाहते हुए भी लोग अपना भी घर हो का सपना साकार कर पा रहे है। प्राधिकरण की जमीन खरीदकर लोगों को घर बनाने के लिए सस्ते प्लाट उपलब्ध कराने की योजना से ब्लैकमनी न होने पर घर का सपना साकार नहीं कर पा रहे लोगों को राहत मिलेगी।
एचआरडीए को नक्शा करने वाली संस्था से बाहर निकाला जाएगा। उसका असली काम आम लोगों को सस्ता-सुलभ आवास उपलब्ध कराना है। जिसको पूरा करने के लिए राज्य की लैंड पुलिंग व्यवस्था के अनुसार भूमि अधिग्रहण तथा क्रय किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राधिकरण क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भवन निर्माण कर गरीबों को आवास देने का लक्ष्य प्राप्त करने के साथ ही अपना घर, दुकान, आश्रम, धर्मशाला, स्कूल, कालेज, अस्पताल बनाने के इच्छुक लोगों के लिए प्लॉटिंग कर र्प्लाट उपलब्ध कराएगा।- वंशीधर तिवारी, सचिव एचआरडीए।