श्रीनगर। निर्माणाधीन श्रीनगर-चौरास मोटर पुल पर 15 अगस्त से वाहनों के आवागमन के विभाग के दावे एक बार फिर हवा -हवाई साबित हुए। पुल पर लगभग 40 फीसदी काम शेष है। अभी तक ना तो पुल का डेक (फर्श) का लिंटर पड़ा है और ना ही एप्रोच पिलरों का निर्माण हुआ है। निर्माण कार्य पूरा होने में अभी दो-तीन माह और लगने की संभावना है।
गढ़वाल विवि के दोनों कैंपसों श्रीनगर और चौरास क्षेत्र को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में घसिया महादेव-चौरास मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। पुल का निर्माण सुस्त रफ्तार से शुरू हुआ। 25 मार्च 2012 के दिन में पुल के चौरास छोर पर लिंटर डाला गया और उसी रात को पुल ध्वस्त हो गया। इसके बाद वर्ष 2013 से पुल का दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया, लेकिन समय पर बजट न मिल पाने के कारण पुल काम रुक-रुककर चलता रहा। पूर्व में कार्यदायी संस्था लोनिवि निर्माण खंड ने जून माह तक पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद जुलाई माह तक काम पूर्ण होने का दावा किया गया। विधायक श्रीनगर डा. धन सिंह रावत ने भी दावा किया था कि अगस्त माह में पुल को चालू कर 15 अगस्त को मुख्यमंत्री से उद्घाटन करा दिया जाएगा, लेकिन दावे हवाई साबित हुए। वहीं अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड श्रीनगर एसके तोमर का कहना है कि इन दिनों रेत नहीं मिल रही है। पुल का निर्माण कार्य पूर्ण होने में दो माह लग जाएंगे।