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शिक्षा मंत्री, जिलाधिकारी के आश्वासन पर भी नहीं माने ग्रामीण

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गोपेश्वर। जीआईसी बूरा में प्रवक्ताओं की तैनाती सहित तीन सूत्री मांगों को लेकर न्याय पंचायत बूरा के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात कलेक्ट्रेट परिसर में ही गुजारी। शनिवार को फोन पर शिक्षा मंत्री ने ग्रामीणों को विद्यालय में शिक्षकों की शीघ्र तैनाती का भरोसा दिलाया, लेकिन ग्रामीण तत्काल शिक्षकों की तैनाती पर अड़े रहे। डीएम के साथ भी ग्रामीणों की दो बार की वार्ता भी विफल रही। ग्रामीणों ने 31 जुलाई से छात्र-छात्राओं को साथ लेकर जनांदोलन का एलान किया।
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शुक्रवार रात को 80 ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर में ही क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। इनमें 40 महिलाएं थीं। महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने महिलाओं को अन्यत्र रात्रि विश्राम के लिए जाने का आग्रह किया, लेकिन महिलाएं आंदोलन पर अड़ी रहीं। ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर में ही बर्तन और खाद्यान्न लाकर खाना बनाने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक जीआईसी बूरा में शिक्षक, चाहरदीवारी और विद्यालय में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। शनिवार सुबह ग्यारह बजे एडीएम ईला गिरी, सीईओ ललित मोहन चमोला और डीईओ (माध्यमिक) आशुतोष भंडारी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। अपर जिलाधिकारी ईला गिरी गोस्वामी ने ग्रामीणों की शिक्षा मंत्री से फोन पर वार्ता करवाई गई, लेकिन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के आश्वासन पर भी ग्रामीण नहीं माने। दोपहर एक बजे डीएम आशीष जोशी मौके पर पहुंचे और विद्यालय में चार एलटी शिक्षकों की तैनाती का भरोसा दिलाया, लेकिन ग्रामीण तत्काल प्रवक्ताओं की तैनाती की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन तेज करने का एलान किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह रावत, गुड्डू राम, महिला मंगल दल अध्यक्ष कमला देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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