गोपेश्वर। शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क की सुविधा देने की मांग पर न्याय पंचायत बूरा के ग्रामीणों का गुस्सा फूूट पड़ा। ग्रामीणों ने नगर में ढोल-दमाऊं के साथ जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाएं बदहाल पड़ी हैं, जिनमें आज तक जिला प्रशासन और शासन ने कोई सुधार नहीं किया। इसके बाद ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर में ही क्रमिक अनशन पर बैठक गए।
शुक्रवार को आला, जोखना, पडेरगांव और बूरा गांव के ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं के साथ जुलूस निकाला। हाथ में तख्ती लेकर ग्रामीण सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। यहां आयोजित जनसभा में ग्रामीणों ने जीआईसी बूरा में शिक्षकों की तैनाती व चाहरदीवारी का निर्माण, क्षेत्र के सभी विद्यालयों में शिक्षक, बिजली, पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था करने, जीआईसी बूरा में एनएसएस और एनसीसी की इकाई स्थापित करने, सलबगड़-बूरा सड़क मार्ग पर डामरीकरण, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की तैनाती, सभी गांवों में सुचारु पेयजल की व्यवस्था करने और सलबगड़-गैरी सड़क का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग उठाई। इसके बाद उन्होंने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान पडेरगांव ममता देवी, मदन सिंह नेगी, मदनी राम, देवेंद्र सिंह, दौलत सिंह, कमला देवी, सुखवीर सिंह, संदीप सिंह, प्रकाश भंडारी और अनूप नेगी आदि मौजूद थे।