घाट (चमोली)। चौंनघाट के ग्रामीणों ने यहां जीआईसी में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से बृहस्पतिवार को क्षेत्र पंचायत घाट की त्रैमासिक बैठक नहीं होने दी। ग्रामीणों ने सदन के बाहर नारेबाजी भी की, जिस पर करीब एक घंटे तक बैठक बाधित रही। एसडीएम परमानंद, डीईओ (माध्यमिक) आशुतोष भंडारी, डीईओ (प्राथमिक) नरेश हल्दियानी और ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह की ओर से विद्यालय में शिक्षकों की शीघ्र तैनाती के आश्वासन पर मान गए।
सुबह ग्यारह बजे ब्लॉक सभागार में ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। बैठक में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठा रहे थे, तभी चौंनघाट गांव के ग्रामीण जुलूस की शक्ल में सदन के बाहर पहुंच गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर अधिकारी सदन से बाहर आ गए। डीईओ आशुतोष भंडारी ने गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति होने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जीआईसी चौंनघाट भेजने का आश्वासन दिया। ज्येष्ठ प्रमुख देव सिंह नेगी ने जीआईसी घाट के शिक्षकों को व्यवस्था पर जीआईसी कांडई न भेजने की मांग उठाई। जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह और गुड्डू लाल ने चुफलागाड़ के किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण करने और प्रधान दीक्षा गौड़ ने गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों, पुलिया के निर्माण की मांग उठाई। उस्तोली, फरखेत, भेंटी, बरोलीधार, मोख-मल्ला और बैरासकुंड क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने क्षेत्र में चल रहे विद्युत लाइन के सुधारीकरण कार्य में ऊर्जा निगम के ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र लाल ने गांव के समीप हो रहे भूस्खलन के ट्रीटमेंट की मांग उठाई। कुरुड़ की प्रधान संध्या देवराड़ी, प्रधान दलवीर सिंह, दीपा देवी और सुरेंद्र सिंह ने कुरुड़ से बंगाली और रामणी गांव तक श्री नंदा देवी लोकजात पैदल मार्ग के सुधारीकरण की मांग उठाई। बंगाली की प्रधान दीपा देवी ने तेलाण-बंगाली सड़क का निर्माण कार्य शुरू न होने पर आक्रोश जताया। क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह और ज्येष्ठ प्रमुख देव सिंह ने घाट-नंदप्रयाग सड़क के सुधारीकरण कार्य की जांच की मांग उठाई।