कुणाल दरगन
हरिद्वार।
एक अजीबोगरीब शिकायत को लेकर इन दिनों ज्वालापुर पुलिस हैरान-परेशान है। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है कि इस मसले को कैसे सुलझाएं। पूरे विवाद की जड़ एक फोटो है, जिसे लेकर दो सराफों ने आस्तीनें चढ़ाई हुई हैं।
दरअसल पूरा मामला कुछ यूं है। ज्वालापुर के जाने माने सराफ रहे एक बुजुर्ग ने पूरी जिंदगी अपने रिश्तेदार की दुकान की गद्दी संभालकर बिताई। बुजुर्ग की साख बेहद अच्छी थी, लिहाजा ग्राहकों की संख्या भी अनगिनत थी। विवाद ने तब जन्म लिया जब बुजुर्ग का देहांत हुआ। बुजुर्ग जिस दुकान की कमान संभालते थे, उसका मालिक उन्हें अपना सराफ के व्यवसाय में गुरु मानता था। रिश्ते में वह उसके दादा भी लगते थे। लिहाजा, उसने बुजुर्ग की फोटो फ्रेम कराकर दुकान पर लगा ली। ये बात बुजुर्ग के परिजनों को नागवार गुजरी। चूंकि वे उनके पिता थे, लिहाजा उन्होंने उनकी फोटो लगाने पर एतराज जताया। इधर, दूसरे पक्ष ने गुरु की फोटो हटाने से साफ मना कर दिया है। बिरादरी में बैठकों का दौर भी चला, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब प्रकरण कोतवाली ज्वालापुर पहुंचा है। पुलिस ने जब शिकायत सुनी कि पूरे विवाद की जड़ फोटो है तो वह परेशानी में पड़ गई। फोटो लगाने वाले सराफ ने कहा कि उसने अपने गुरु की फोटो लगाई है और वह उसी की ही दुकान पर बैठते थे। इधर, दूसरे पक्ष को इस पर एतराज है। वह बोलते हैं कि उनके पिता की फोटो लगाने का अधिकार किसी दूसरे को नहीं है। एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि शिकायत अजीबोगरीब है। दोनों पक्ष को बुलाकर बात कर रहे हैं।