गौचर। मुख्य बाजार की एक दुकान में बुधवार दोपहर को हुए एक धमाके से दो युवक घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस का बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन दुकान में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
मुख्य बाजार में बस स्टैंड के निकट ऊपरी मंजिल में संचालित नाई की दुकान में बुधवार दोपहर 12 बजे अचानक धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर लोग दुकानों से बाहर आए, जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक नाई की दुकान से कुछ लोग दो घायलों को अस्पताल ले गए। सागर रावत (18) पुत्र कनवर रावत निवासी वार्ड संख्या छह और सूरज बिष्ट (19) पुत्र गबर सिंह निवासी घली बेंड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। धमाके में गंभीर घायल सागर रावत की हथेली फट गई और चेहरे पर खून बहने के निशान थे। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि सूरज बिष्ट के पांव जख्मी हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंची। प्रभारी थानाध्यक्ष एसडी जमलोकी, पुलिस चौकी प्रभारी हेमकांत सेमवाल, बम निरोधक दस्ते के कांस्टेबल महावीर सिंह, भाग सिंह, अरविंद सिंह, रमेश भंडारी ने बताया कि दुकान में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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अलग-अलग बयानों से बना है संदेह
गौचर। धमाके में गंभीर रूप से घायल हुए सागर रावत और घटना के वक्त दुकान में मौजूद दुकान के कारीगर शाहजेब के बयान अलग-अलग थे। सागर रावत का कहना था कि घटना दुकान के बाहर घटी, दुकान से बाहर आते हुए कोई चीज बाहर पड़ी दिखाई दी, जिसे हाथ में उठाने से अचानक विस्फोट हो गया। वहीं दुकान के कारीगर शाहजेब का कहना है कि घटना दुकान के भीतरी कमरे में घटी, जब दोनों युवक कमरे में बैठकर कबाब खा रहे थे। घटना के बाद कमरे में पड़े खून के छीटों को भी खुद साफ किया गया। वहीं धमाके की वजह बनी विस्फोटक सामग्री पुलिस और बम निरोधक दस्ते को हाथ नहीं लगी है। चौकी प्रभारी ने घायल युवक सूरज बिष्ट के बयान का हवाला देते हुए बताया कि रास्ते में युवकों को डिटोनेटर (कारतूस) का एक हिस्सा मिला था, जिसमें छेड़छाड़ के दौरान यह हादसा हो गया।