अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
चिड़ियापुर रेंज में लाहरपुर गांव के स्कूल जा रहे दो बच्चों पर लंगूरों के झुंड़ ने हमला कर दिया। इससे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने लंगूर को भगाया। 108 एंबुलेंस सेवा के समय पर नहीं पहुंचने से निजी वाहन से बच्चों से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
सोमवार सुबह वन विभाग की चिड़ियापुर रेंज के लाहरपुर गांव में दो बच्चे विशाल (11) पुत्र चंद्रपाल, राहुल (14) पुत्र कल्लू राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए जा रहे थे। अचानक जंगल से निकल कर लंगूरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने एकत्र होकर बड़ी मुश्किल से लंगूरों को खदेडा। दोनों बच्चों को उपचार के लिए एक घंटे तक 108 के मौके पर नहीं पहुंचने से उन्हें निजी वाहन से अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। बच्चों पर लगूर के हमले के बाद ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ पारा चढ़ गया। ग्रामीणों ने चिड़ियापुर के रेस्क्यू सेंटर के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीण ईश्वरी देवी, सुधादेवी, चरण सिंह, निर्मला देवी, गुड्डी देवी, प्रवेश, रीना देवी, मायाराम, संतराम, छोटन, बलराम, रामपाल, शेर सिंह, धर्मवीर, सुंदरलाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंगूर और बंदरों की दहशत बढ़ गई है कि लोगों का घर से निकलना भी दुश्वार हो रहा है। कहा कि अब जल्दी बंदर और लंगूरों को नहीं पकड़ा जाता तो वह डीएफओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं वन क्षेत्राधिकारी चिड़ियापुर राजेंद्र सिंह हिंगवान का कहना है कि एक- दो दिन में बंदरों को पकड़ने के टेंडर किए जाएंगे, अभी फिलहाल बंदरों व लंगूर को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ महीने पहले बंदर और लंगूर को पकड़ने के लिए जो ठेकेदार बुलाया गया था वह छोड़कर चला गया है। अब नए सिरे से बंदर और लंगूर को पकड़ने का टेंडर कराकर बंदर लंगूर पकडवाए जाएंगे।