जोशीमठ। भारी बारिश के कारण रविवार को बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में करीब तीन घंटे तक यात्रा वाहनों की आवाजाही ठप रही। बारिश होते ही पुलिस ने एहतियातन दोपहर दो बजे बदरीनाथ धाम जा रहे और यात्रा कर लौट रहे तीर्थयात्रियों अलग-अलग जगहों पर रोक दिया था। शाम पांच बजे बारिश थमने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू की गई। इस दौरान बदरीनाथ में 120 और लामबगड़ में 45 और पांडुकेश्वर में बदरीनाथ धाम जा रहे करीब 150 तीर्थयात्रियों को रोका गया था। हाईवे खुलने के बाद सभी अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
लामबगड़ में थोड़ी बारिश होने पर हाईवे पर मलबा आ जाता है। लामबगड़ में सीमा सड़क संगठन और लोक निर्माण विभाग (एनएच) की ओर से लगातार हाईवे से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन बारिश होने पर चट्टान से पत्थर छिटक कर हाईवे पर आ जाते हैं। ऐसे में वाहनों की आवाजाही खतरे से खाली नहीं होती। इसी के मद्जेनजर दोपहर दो बजे से पांच बजे तक हाईवेे पर आवाजाही बंद कर दी गई थी। बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि लामबगड़ में बारिश के दौरान यात्रा वाहनों की आवाजाही कराना खतरनाक है।
रुद्रप्रयाग जिले में 12 संपर्क मोटर मार्ग बंद
रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। बारिश के चलते बदरीनाथ और गौरीकुुंड हाईवे कई स्थानों पर खतरनाक बना हुआ है। जिले में 12 संपर्क मार्ग बंद हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। शनिवार तड़के से दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जहां सिरोहबगड़ और शिवानंदी में दिनभर मलबा गिरता रहा, वहीं, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग खाट गांव के नीचे और मुनकटिया में खतरनाक बना हुआ है। जिले में खुजीर बैंड-चौकी-बर्सिल, चोपड़ा-कुरझण-कांडई, छेनागाड़-बक्सीर, सणगू-सारी, ऊखीमठ-किमाणा-करोखी, लमगौंडी-देवलीभणिग्राम, बाड़व मल्ला-कांदी, द्यूलाधार बैंड-गणेशनगर, मठियाणाखाल-सौंदा, सल्या-तुलंगा, छेनागाड़-उच्छोला आदि मोटर मार्ग बंद हैं। रुदप्रयाग-तूना-बौंठा मोटर मार्ग की शुरू से ही खस्ता हालत है। धुमाकोट में बारिश के चलते मलबा गिरने और भूमि कटाव होने से जड़ाऊखांद-जमणधार-मजेड़ाबैंड मोटर मार्ग तीन सप्ताह से बाधित है। शिकायत के बाद भी सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इसके कारण लोग कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं।