देवप्रयाग। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ सबधरखाल क्षेत्र से कांवड़ यात्रा नीलकंठ के लिए रवाना हुई। कांवड़ यात्री प्राचीन बदरीनाथ-केदारनाथ पैदल मार्ग से नीलकनंठ महादेव तक की 100 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करेंगे।
शुक्रवार को विकास खंड कोट के सबधरखाल के कोटा, बकरोडा, कुंडी, नौगांव पली और रानकोट आदि गांव के 83 कांवड़ यात्री रामकुंड पहुंचे। पदयात्रा शब्देश्वर महादेव मंदिर सबधरखाल से शुरू हुई थी। देवप्रयाग में उन्होंने रामकुंड में गंगाजल भरा। पद यात्री व्यास चट्टी, नंदगांव और बंदरचट्टी होते हुए तीन दिन में नीलकंठ पहुंचेंगे। यात्रा संयोजक लक्ष्मण बुटोला ने बताया कि स्थानीय निवासी पिछले 25 सालों से कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। सोमवार को पदयात्री नीलकंठ पहुंच कर भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाएंगे। यात्रा में चंद्रप्रकाश भट्ट, पवन लिंगवाल, सोबी चौहान, चन्द्रमां देवी, कमला देवी अरविंद चौहान, सुनील चौहान, सुरेंद्र पवार, शिवांकर देशवाल व विमला देवी आदि शामिल हैं। ब्यूरो