जोशीमठ। हेमकुंड यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लापता होने की सूचना बृहस्पतिवार को मीडिया तक पहुंचने के बाद ही पुलिस हरकत में आई। शुक्रवार सुबह नौ बजे से पुलिस टीम और एसडीआरएफ के जवानों ने बदरीनाथ हाईवे पर सर्च अभियान शुरू किया। बदरीनाथ हाईवे के टैय्या पुल के समीप चट्टानी भाग में इनोवा कार के पार्ट्स और कांच के टुकड़े मिले हैं। टैय्या पुल के पास हाईवे चौड़ा तो है, लेकिन तीखे मोड़ वाला है। यहां ऊपर से चट्टान तो नीचे से अलकनंदा बह रही है।
चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि प्रथम दृष्टया वाहन के नदी में समाने की आशंका है। जब तक श्रद्धालुओं का सुराग नहीं मिल जाता, कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। अलकनंदा के किनारों पर उनकी खोज जारी है। जिले में चार जुलाई से भारी बारिश हो रही थी। छह जुलाई को भी बारिश का यह सिलसिला जारी था। इसी दिन अमृतसर के यह आठों श्रद्धालु हेमकुंड से लौटकर गोविंदघाट पहुंचे थे। इस दौरान तीर्थयात्रियों के लापता होने के संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी। जब 11 जुलाई को गोविंदघाट थाने में अमृतसर के लवप्रीत सिंह की ओर से आठ श्रद्धालुओं की गुमशुदगी दर्ज कराई गई, तब मामला उजागर हुआ। 12 और 13 जुलाई को पुलिस ने टैक्सी स्टैंड और होटलों में ही लापता श्रद्धालुओं की खोज की थी।
लापता श्रद्धालुओं के परिजन घर लौटे
गोपेश्वर। गुमशुदा सिख श्रद्धालुओं के परिजन शुक्रवार को लौट गए हैं। टैय्या पुल के पास अलकनंदा के किनारे इनोवा कार की बीडिंग और कृपाल सिंह की पगड़ी के अंदर के कपड़े को परिजनों ने पहचान लिया। लापता कुलवीर सिंह के भाई सुखदेव सिंह का कहना है कि लापता श्रद्धालुओं की इनोवा में बीडिंग लगाई गई थी। अलकनंदा नदी के किनारे भी ऐसी ही बीडिंग मिली है। कृपाल सिंह और महंगा सिंह ही सिर पर बड़ी पगड़ी पहनते थे। पगड़ी के साथ मिला कपड़ा कृपाल सिंह का प्रतीत हो रहा है। इससे लगता है कि वाहन नदी में समा गया है। लापता कृपाल सिंह के भाई नरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। नरेंद्र का कहना है कि अलकनंदा का जलस्तर कम होने पर ही कुछ पता चल सकता है। (ब्यूरो)