कांवड़ यात्रा में पहुंचने वाले लाखों शिवभक्तों के आस्था के पथ पर हर शिव शंकर ऐप सहारा बनेगा। इस ऐप के जरिए उत्तराखंड क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। जिसके आधार पर तीर्थनगरी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग योजनाएं तैयार कर सकेगा। ऐप के जरिए हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ऐप पर मौजूद छह फीचर्स के जरिए कांवड़ियों को इमरजेंसी नंबर, इमरजेंसी डॉक्टर्स, पुलिस चौकी की लोकेशन, रैन बसेरे और गुम हुए यात्रियों की जानकारी देंगे। कांवड़ यात्रा के लिए यह अपनी तरह का पहला ऐप होगा।
नगर विधायक प्रदीप बत्रा की पहल पर आईआईटी से एमटेक कर चुके अंशुमान शुक्ला ने टोटल इंजीनियरिंग सोल्यूशन एंड रिस्क असेसमेंट (टेसरा) कंपनी के बैनर तले इसकी कवायद शुरू की है। 31 मई को हरिद्वार में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष अंशुमान शुक्ला और उनकी टीम ने ऐप का प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें उन्होंने इसकी सराहना करते हुए इसे जल्द लांच कराए जाने की बात कही है। अंशुमान शुक्ला ने बताया कि ऐप के जरिए राज्य में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। जो यह बताएगा कि कांवड़ सीजन में किस स्टेट से कितने शिवभक्त हरिद्वार नगरी में पहुंचते हैं। इससे प्रशासन को शिवभक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने के लिए एक डाटा बेस मिल सकेगा। साथ ही पर्यटन विभाग भी तीर्थयात्रियों की संख्या के आधार पर योजनाएं तैयार कर सकेगा। उन्होंने बताया कि ऐप में रजिस्ट्रेशन होते ही कांवड़ियों को ऐप पर मौजूद जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके तहत कांवड़ियों को इमरजेंसी नंबर, इमरजेंसी डॉक्टर्स की जानकारी, पुलिस चौकी आदि की लोकेशन, आराम करने की जगह, खाने पीने के लिए शिविरों एवं दुकान आदि तथा कांवड़ियों के गुम हो जाने संबंधी जानकारी मिलेगी।