ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मसूरी के आसपास के गांव वालों ने प्रशासन पर अतिक्रमण हटाओ अभियान में पक्षपात का आरोप लगाया है। आरोप है कि अधिकारी ग्रामीणों पर तो सख्ती करते हैं, लेकिन बड़े व्यवसायियों और प्रतिष्ठान मालिकों पर कार्रवाई में हीलाहवाली करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार अतिक्रमण हटाने में अधिकारी 2006 से टाल मटोल वाला रवैया अपना रहे हैं।
बता दें, उच्च न्यायालय के आदेशानुसार चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत क्यारकुली और भट्टा गांव के ग्रामीणों ने सड़क पर मौजूद अपनी दुकानें व मकान तोड़ डाले थे। ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2006 में प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के कहने पर अपने अवैध निर्माण खुद ही हटा लिए थे। वहीं प्रशासन ने मसूरी शहर में प्रतिष्ठानों का केवल चिह्नीकरण कर छोड़ दिया गया।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे भट्टा गांव के छात्र नेता आशीष रावत ने बताया कि मौजूदा समय भी प्रशासनिक अधिकारी केवल होटलों और दुकान मालिकों के निर्माण पर महज निशान लगा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी अभियान के दौरान केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही सख्ती करते हैं। आशीष रावत के साथ दयाल सिंह, गौरव रावत, सुरेश थापली, चमन सिंह, बबूल थापली, रिंकू थापली आदि मौजूद रहे।
प्रत्येक मार्ग पर एक से तीन मीटर का अतिक्रमण
मसूरी में इससे पहले वर्ष 2006 में अतिक्रमण चिह्नित किया गया था। इसके तहत प्रत्येक मार्ग पर सर्वे किया गया तो पता चला कि शहर में 250 प्रतिष्ठान व रिहायशी मकान ऐसे हैं जिन्होंने सड़क पर एक से लेकर तीन मीटर तक अतिक्रमण कर लिया है। वर्ष 2006 के बाद से अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब फिर चिह्नीकरण किया जा रहा है।
जनहित याचिका पर हुई थी कार्रवाई
वर्ष 2006 में मसूरी के प्रदीप सिंह भंडारी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर फैसला सुनाते हुए उच्च न्यायालय ने तत्काल वहां से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। ऐसे में साफ है कि प्रशासन 13 साल में भी अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं करा सका है।
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इस बार यात्रा सीजन को देखते हुए सख्ती से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मसूरी के मुख्य मार्गों से सबसे पहले अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। यदि इसमें कोई कोताही बरती गई तो कई स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी।
-एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी देहरादून