आंदोलन की तैयारी में बिजली कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हाईकोर्ट की ओर से आदेश जारी किए जाने के बावजूद सरकार, शासन व ऊर्जा विभाग की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण नहीं किया जा सका है। इसके लिए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन नहीं होने से भी आक्रोशित कर्मचारियों ने आंदोलन का निर्णय लिया है। आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की बुधवार को अहम बैठक बुलाई गई है।
मंगलवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक पावर इंजीनियर एसोसिएशन के कार्यालय में एमसी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में लंबे समय से कर्मचारी समस्याओं के निराकरण को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। बिजली कर्मचारियों को सात सितंबर 2017 से सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों का वेतन बढ़ने के बजाय कम हो गया। जिसके विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन किया था। आंदोलन को समाप्त कराने को लेकर सरकार, शासन स्तर पर कई बार बैठक हुई लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद समझौता लागू नहीं हो पाया है।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि बुधवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा की आपात बैठक बुलाई जाए, जिसमें प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति तय की जाए। वक्ताओं ने कहा कि यूपीसीएल में पदोन्नति की जो नियमावली बनाई गई है उसकी वजह से सैकड़ों कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए हैं। ऐसे में नियमावली को नए सिरे से बनाया जाए। बैठक में इंसा रूल हक, प्रदीप कंसल, राकेश शर्मा, अनिल मिश्रा, केहर सिंह, संदीप शर्मा, डीसी ध्यानी, सुनील मोगा, केएस नेगी, अशोक सैनी, विनोद कवि, दीपक बेनीवाल आदि उपस्थित थे।