ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । दक्षिण भारत के वेदाचार्यों ने परमार्थ गंगा तट पर कृष्ण यजुर्वेद का पाठ किया, जिससे आसपास का पूरा वातावरण वेद मंत्रों से गूंज उठा। वेद पारायण में भारत के एचआरडी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव वी. सुब्बाराव ने सपरिवार प्रतिभाग किया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा और विज्ञान के माध्यम से हम लोगों के जीवन में परिवर्तन कर सकते हैं। बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण एवं जल संरक्षण की शिक्षा दी जाए तो वह परिवार तक नहीं बल्कि पूरे संसार तक पहुंचती है।
दक्षिण भारत के आचार्य वैंकट कृष्णा स्वामी ने कहा कि वेदों का ज्ञान ईश्वरीय ज्ञान है जिसका साक्षात्कार मानव जीवन सृष्टि के प्रारंभ में ऋषियों को हुआ था। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन सेवा के लिये है और वर्तमान समय में प्रकृति की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। इस अवसर पर प्रमुख आचार्य वैंकट कृष्णा, विजया, वेदुला, श्रीलेखा, कामेश्वरी, हरिराम कुमार, हरिहरण, मणिहरण, जितेंद्रन, कामकोटि, कृष्णानन, विध्नेश, रामलक्ष्मी सहित अन्य आचार्य मौजूद थे।