ब्यूरोे/अमर उजाला, देहरादून
सीमाद्वार स्थित कैंपस में मुख्यालय उत्तरी सीमांत भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की ओर से द्वितीय पेंशन अदालत का आयोजन हुआ। इसमें आईटीबीपी के सेवानिवृत्त जवानों और अधिकारियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया। इससे पहले वर्ष 2016 में प्रथम पेंशन अदालत चंडीगढ़ में लगाई गई थी। वहीं, स्वास्थ्य और रक्तदान शिविर भी लगाया गया।
मुख्य अतिथि महानिरीक्षक मुख्यालय उत्तरी फ्रंटियर देहरादून एचएस गोराया (पीएमजी) ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पेंशन अदालत में एक हजार से अधिक पेंशनर पहुंचे, जिनमें से 950 की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया। केंद्रीय अभिलेख कार्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एसपी दुबे, वेतन एवं लेखा कार्यालय एसबीआई दिल्ली एवं केंद्रीय पेंशन व लेखा कार्यालय से तमाम पदाधिकारी शामिल हुए। वहीं, दूसरी ओर संयुक्त चिकित्सालय आईटीबीपी की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। इसमें चिकित्सकों ने सेवानिवृत्त जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं, जवानों ने 50 यूनिट रक्तदान किया। आयोजन महानिदेशक (सेवानिवृत्त) आरके पंचनंदा के नेतृत्व में हुआ। इस मौके पर मुख्यालय उत्तरी फ्रंटियर व 23वीं बटालियन के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।