शोभायात्रा से दिया बेटी बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। धर्मपुर चौक स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ बुधवार को शोभायात्रा से हुआ, जिसमें शामिल कई झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शहर में जगह-जगह लोगों ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल कलश यात्रा से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया। इसके साथ ही बृहस्पतिवार से श्रीमद्भागवद कथा का भी शुभारंभ होगा।
बुधवार अपराह्न 11 बजे मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा का शुभारंभ टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत भरत गिरि महाराज ने किया। कृष्ण गिरि महाराज ने घुड़सवारों को मंदिर का ध्वज सौंपकर और झंडा लहराकर किया शोभायात्रा की अगुवाई की।
शोभायात्रा में राम दरबार की झांकी, हनुमान का राम भक्ति में मगन होकर नृत्य करना, महाभारत का युद्ध, भारत माता, श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा का सत्कार, भगवान नरसिंह का हिरण्यकश्यप का संहार, शिव बारात, ऋषि, मुनि, नारद, नंदी, ब्रह्मा, विष्णु, महेश आदि की मोहक झांकियां शामिल रहीं। इसके अलावा मिकी माउस, डोनल डक, लाला-लाली, जोकर आदि को देख बच्चे खुश नजर आए। शोभायात्रा में दुर्गा वाहिनी की ओर से मोटरसाइकिलों पर सवार महिलाएं मंदिर का ध्वज लहराते हुए चल रही थी। गुजराती परिवेश में सजीं महिलाओं ने डांडिया किया। यात्रा के दौरान नमामि गंगे की टीम की ओर से स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। टीम के कार्यकर्ता और सेवादार सफाई करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में 208 महिलाएं कलश धारण कर चल रहीं थीं। शोभायात्रा आराघर, नेहरू कॉलोनी, धर्मपुर मंडी, 6 नंबर पुलिया आदि से होेकर गुजरी।
दोपहर करीब एक बजे शोभायात्रा वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां आचार्य नत्थी प्रसाद उनियाल ने यात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर व्यास महाराज चतुरदास रूला, देवेंद्र अग्रवाल, आत्माराम शर्मा, आचार्य अरुण, पंडित लव मंदोली, सीताराम भट्ट आदि मौजूद रहे। शोभायात्रा में क्षेत्रीय कलाकारों के अलावा दिल्ली, हरिद्वार सहित कई शहरों के कलाकार शामिल रहे।
इसके साथ ही बृहस्पतिवार से एक सप्ताह तक चलने वाली श्रीमद्भागवद कथा का शुभारंभ होगा। कथा का वाचन आचार्य नत्थी प्रसाद उनियाल करेंगे। जो पांच सितंबर तक चलेगी।