ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में खासकर पर्वतीय क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए दून में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 300 बेड का ‘बर्थ वेटिंग हास्पिटल’ खोलने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसके तहत, ‘बर्थ वेटिंग हास्पिटल’ राजधानी देहरादून में करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। अस्पताल के निर्माण पर लगभग 20 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभी प्रदेश में सात जिला महिला अस्पतालोें के अलावा 15 संयुक्त चिकित्सालय, चार बेस अस्पताल, 85 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की सुविधा है। इसके बावजूद समय पर सुरक्षित प्रसव नहीं कराने या उच्चस्तरीय इलाज के अभाव में तमाम प्रसूताओं की मौत हो जाती है। खासकर राज्य के पर्वतीय इलाकों में प्रसूताओं को बेहतर सुविधा नहीं मिल पाती है। इस समस्या को दूर करने और प्रसूताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग अब ‘बर्थ वेटिंग हास्पिटल’ खोलने की तैयारी में है।
अपर सचिव स्वास्थ्य व एनएचएम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत ने बताया कि ‘बर्थ वेटिंग हास्पिटल’ में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्र की प्रसूताओं को प्रसव के 10 दिन पहले अस्पताल लाया जाएगा। यहां खाने और ठहरने की सुविधा के साथ ही उनका सुरक्षित प्रसव कराया जाएगा। अस्पताल का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि ‘बर्थ वेटिंग हास्पिटल’ की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। अस्पताल बनने से न सिर्फ गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा सकेगा बल्कि मातृ-शिशु मृत्यु दर को भी कम किया जा सकेगा।