ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
11 सूत्री मांगों के समर्थन में राजकीय वाहन चालक महासंघ से जुड़े प्रदेशभर के सैकड़ों चालक आज सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। मांगें नहीं माने जाने पर चालकों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन चक्काजाम की चेतावनी दी है।
केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सातवें वेतनमान के सभी भत्ते देने, चालकों को समूह ग के कर्मचारियों की तरह 2800 से 4800 ग्रेड पे और राज्य संपत्ति विभाग के सभी वाहन चालकों को सचिवालय प्रशासन में शामिल करने जैसी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में राजकीय वाहन चालकों ने आंदोलन का एलान कर दिया है। रविवार को संघ भवन में प्रदेश अध्यक्ष अनंतराम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित राजकीय वाहन चालक महासंघ की बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि सचिवालय के वाहन चालकों की तरह राजकीय वाहन चालकों के भत्ते को बचत खाते में स्थानांतरित करने, चालकों को स्थानांतरण नीति से बाहर रखने और बायोमैट्रिक हस्ताक्षर से छूट देने की मांग लंबे समय की जा रही है।
साथ ही समान कार्य का समान वेतन, ग्राम्य विकास एवं जलागम विभाग में तैनात चालकों के लिए स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, सभी संविदा-उपनल-आउटसोर्स व्यवस्था के वाहन चालकों का विभागों में नियमितीकरण करने, वाहन चालकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। लेकिन, सरकार और शासन ने वाहन चालकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया। प्रदेश अध्यक्ष अनंतराम शर्मा ने कहा कि ऐसी स्थिति में महासंघ के सामने आंदोलन के सिवा दूसरा विकल्प नहीं बचा है। प्रदेश महामंत्री संदीप कुमार मौर्या ने कहा कि सोमवार को सभी विभागों के वाहन चालक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया तो मंगलवार से प्रदेशभर के सरकारी वाहन चालक चक्का जाम कर करेंगे।
इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और शासन की होगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चक्काजाम के दौरान पांच दिन तक स्वास्थ्य सेवाओं और नगर निकायों के वाहन चालकों को छूट दी जाएगी। इसके बाद ये वाहन चालक भी आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। बैठक में महासंघ उपाध्यक्ष सबर सिंह रावत, सचिव मनोहर सिंह जीना, शूरवीर सिंह रावत, पंकज भंडारी, रवि जोशी, गीताराम पेटवाल, शिवानंद, महिपाल सिंह नेगी, दिनेश भंडारी, सुरेंद्र सिंह मेहरा, महेश जोशी, अजय तिवारी, मनोज सेमवाल, हर सिंह महर मौजूद थे।