दून की नदियों में हैं खतरनाक रसायन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
रिस्पना, बिंदाल और सुसवा नदी के पानी में रासायनिक तत्व मानकों से अधिक पाए गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर नदियों से लिए गए 24 नमूने में करीब 10 घातक रसायन मिले, जो मिट्टी, जलीय पर्यावरण, कृषि एवं जानवरों के लिए घातक हैं। यह खुलासा एक निजी संस्था के परीक्षण में हुआ है।
बृहस्पतिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में स्पेक्स संस्था के सचिव डॉ. बृजमोहन शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि स्पेक्स तीन साल से तीनों नदी के पानी का परीक्षण कर रहा है, नदियों के पानी में हर वर्ष खतरनाक रासायनिक तत्वों का इजाफा हो रहा है। रिस्पना और बिंदाल नदी में पूरे शहर का सीवर जा रहा है। क्लेमेंटटाउन की ओर से आने वाले नाले भी सुसवा नदी में ही मिलते हैं।
उन्होेंने कहा कि शहर में दो जगहों पर सीवर शोधन प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक इनमें कार्य नहीं कर रहा है। तीनों नदियों का पानी सौंग नदी से होकर गंगा में मिलता है। स्पेक्स, जॉय और दूधली के लोगों पर आठ से 19 मई तक लिए गए। जिनके बाद जो परिणाम सामने आए वे चौंकाने वाले हैं। दूषित पानी के चलते दूधली के ग्रामीण कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। लिए गए सैंपल में दूधली गांव से निकलने वाली सुसवा नदी में आयरन, क्रोमियम, लेड मानकों से काफी अधिक पाया गया है। यही स्थिति क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फेट की भी है। पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम है। टोटल व फीक्ल कॉफीफार्म 1600 व 1200 गुना पाए गए। जिसके चलते पेट, त्वचा, अल्सर, बाल झड़ना, भूख कम लगना व हड्डी और कैंसर जैसे रोगों की आशंका रहती है।