अक्षय तृतीया पर हुए शुभ कार्य
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अक्षय तृतीया पर बुधवार को शहर में अनेक शुभ कार्य हुए। लोगों ने अपनी राशि के अनुसार शुभ माने जाने वाली वस्तुएं खरीदीं। मंदिरों और घरों में धार्मिक अनुष्ठान हुए। कई जगह इक्षुरस (गन्ने का रस) का वितरण किया गया। कई जोड़ों के विवाह हुए। लोगों ने सोना खरीदा, नए वाहन खरीदे और हवन-पूजन के बाद नए घरों में प्रवेश किया।
सनातन हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। इस दिन सभी प्रकार के शुभ कार्य बिना किसी मुहूर्त के होते हैं। यह तिथि किसी भी कार्य के लिए शुभ मानी जाती है। विशेषकर विवाह के यह तिथि अत्यंत शुभ होती है। इस दिन असूझ विवाह होते हैं। वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को आखा तीज भी कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। भक्तों ने भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की। इसे परशुराम तीज भी कहा जाता है। इसलिए ब्राह्मण समाज के लोगों ने परशुराम जयंती पर उनका पूजन भी किया। सोना खरीदना, विवाह, नया वाहन, गृह प्रवेश को बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा हवन, दान, पितरों का तर्पण, गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने भी विशेष फल मिलता है।
बुधवार को भक्तों ने सोना खरीदा, कई असूझ विवाह हुए, सैकड़ों नए वाहन खरीदे गए, कई लोगों ने हवन-पूजन के बाद नए घरों प्रवेश किया। इसके अलावा हवन, दान, पितरों का तर्पण, गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।