ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
राजपुर स्थित सिविल सर्विस ऑफिसर क्लब में टैक्स चोरी पकड़ में आने के बाद अब उत्तराखंड के सभी क्लब आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। इन सभी क्लबों में सालभर होने वाली गतिविधियों, कमाई और खर्च के अलावा टैक्स का ब्योरा खंगाला जा रहा है। आयकर विभाग अब नैनीताल क्लब, दून क्लब का भी रिकॉर्ड खंगाल रहा है। इसके अलावा कई और छोटे क्लबों पर भी आयकर की नजर है।
हाल ही में राजपुर स्थित सिविल सर्विस ऑफिसर क्लब में पांच करोड़ रुपये और इसके ब्याज के दो करोड़ 39 लाख 34 हजार 440 रुपये को कर के दायरे में माना गया है। आयकर विभाग ने रिटर्न की जांच पड़ताल के दौरान यह बात पकड़ी थी। क्लब को नोटिस भेजा गया तो पहली किश्त के रूप में 20 प्रतिशत के तौर पर क्लब ने 47 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। हालांकि आयकर विभाग के फैसले के खिलाफ अधिकारियों ने अपील की है, जिस पर सुनवाई चल रही है। आयकर विभाग ने एक क्लब के पास करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ने के बाद सूबे के बाकी क्लब की कुंडली भी खंगालनी शुरू कर दी है। इनका आय-व्यय का ब्योरा और टैक्स रिटर्न का ब्योरा खंगाला जा रहा है। मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता पहले ही बता चुके हैं कि सभी क्लब की पड़ताल की जाएगी। अगर किसी ने टैक्स चुराया होगा या मनमर्जी से टैक्स से छूट की होगी तो उसके खिलाफ आयकर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें नैनीताल क्लब, दून क्लब सहित प्रदेशभर के तमाम छोटे-बड़े क्लब शामिल हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और जगहों पर टैक्स चोरी सामने आएगी।