ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त केंद्रीय विद्यालय एफआरआई अब बंद नहीं होगा। इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (आईसीएफआरई) ने स्कूल को बजट देने की घोषणा कर दी है। अब यह स्कूल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से सिविल श्रेणी के स्कूल में आने तक आईसीएफआरई के हवाले रहेगा। इससे शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर है।
करीब छह माह पहले आईसीएफआरई से बजट न आने की वजह से केवि एफआरआई को बंद करने का फैसला लिया गया था। इसके तहत बीते वर्ष कक्षा एक के दाखिलों पर रोक लगा दी गई थी, इसके खिलाफ अभिभावक एकजुट हो गए थे। केंद्रीय विद्यालय संगठन के शिक्षक एवं कर्मचारी संघ भी केवि एफआरआई के बचाव में आ गए थे। अभिभावकों ने इस मामले को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पहुंचाया था। स्कूल के तमाम पूर्व छात्र भी अपने स्कूल को बचाने के लिए सामने आए थे। हाल ही में बैठक होने के बाद तय किया गया है कि केवि एफआरआई को पूरा बजट जारी किया जाएगा। जब तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस स्कूल को सिविल श्रेणी में लाएगा, तब तक स्कूल को बजट जारी किया जाएगा।
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फैसले से अभिभावकों में खुशी का माहौल
इस खबर के आने के बाद अभिभावकों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि यह एक स्कूल को बचाने के लिए लड़ी गई लड़ाई की जीत है। उन सभी बच्चों की जीत है, जिनके बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया गया। अखिल भारतीय केंद्रीय विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डीएम लखेड़ा, संयुक्त सचिव राजेश कुकरेती, उपाध्यक्ष सीपी थपलियाल, एके जोशी, एनके काला, तारा जोशी, संगीता रानी, सोनिया ओबेराय, संयुक्त अभिभावक समिति के संयोजक विजय गिरी गोस्वामी ने भी आईसीएफआरई और सरकार का आभार जताया।