जोशीमठ (ब्यूरो)। जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। बीते अप्रैल माह में बैशाखी पर्व पर भगवान नृसिंह को अपने नए मंदिर में विराजमान होना था, लेकिन मंदिर परिसर में अधूरे कार्यों को देखते हुए देव पुजाई समिति ने अब अगले साल नृसिंह जयंती पर नृसिंह भगवान को नए मंदिर में प्रतिष्ठापित करने का निर्णय लिया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी इसके लिए अपनी संस्तुति दी है।
वर्ष 2012 से नृसिंह मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। यहां अभी तक भोग मंडी और लक्ष्मी मंदिर का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। परिसर निर्माण का कार्य भी आधा-अधूरा है, जिसके बाद देव पुजाई समिति ने इस वर्ष नृसिंह भगवान को नए मंदिर में स्थापित करने का निर्णय वापस ले लिया। देव पुजाई समिति के महामंत्री उमेश सती और सदस्य ऋषि प्रसाद सती का कहना है कि मंदिर निर्माण एजेंसी को वर्ष 2018 तक सभी कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है। अगले साल धूमधाम से नृसिंह जयंती पर भगवान नृसिंह को नए मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में नृसिंह भगवान की पूजा मंदिर परिसर में स्थित पुराने भवन में चल रही है।