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डराने लगी गंगा, बाढ़ सुरक्षा चौकी खाली

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरिद्वार।
पहाड़ों में हो रही बारिश के बाद गंगा का जल स्तर बढ़ने के साथ तटीय गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों की धड़कने भी बढ़ने लगी है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से केवल दावे किए जा रहे हैं। धरातल पर कोई काम नजर नहीं आता है। गांवों में बनाई गई बाढ़ राहत चौकियों पर अब भी ताले लटके हैं। प्रशासन केवल अलर्ट जारी करने तक सीमित है।
पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश के कारण हर साल हरिद्वार जिले के खादर क्षेत्रों के साथ ही पथरी और श्यामपुर क्षेत्र के तटीय इलाकों में गंगा का पानी कहर बरपाता है। हालांकि अभी तो गंगा का जलस्तर नियंत्रण में है लेकिन प्रशासन की बाढ़ सुरक्षा चौकियां महज शोपीस बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए हरिद्वार के पथरी और श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। पथरी में बिशनपुर कुंडी गांव में और श्यामपुर क्षेत्र में श्यामपुर में ही वन विभाग के कार्यालय परिसर में चौकी बनाई गई है। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह पहले ही दावा किया गया था कि इन बाढ़ सुरक्षा चौकियाें पर कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे और संसाधन भी उपलब्ध करेंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने राजस्व, पुलिस और अन्य सभी संबंधित विभागों के अफसरों के साथ भी समन्वय बनाने के लिए सभी को पत्र लिखा हुआ है।
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पथरी में चौकी पर लटका मिला ताला
पथरी। बिशनपुर कुंडी में बाढ़ सुरक्षा चौकी पंचायत घर में बनाई गई है। मंगलवार को यहां कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। पंचायत घर में ताला लगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ आपदा चौकी पर तैनात चार कर्मचारियों में से एक दो कर्मचारी कभी-कभी पंचायत घर पर आते हैं लेकिन यहां बाढ़ सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। प्रशासन की ओर से पंद्रह जून से बाढ़ आपदा चौकी पर हल्का लेखपाल राजेश शर्मा, विजयपाल सिंह चौहान, वेदपाल सिंह और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अमित यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश चंद और एएनएम पूनम गुसाईं आदि कर्मचारी तैनाती की हुई हैं।


श्यामपुर में बैठने को कुर्सी तक नहीं
श्यामपुर। जिला प्रशासन के द्वारा आपदा से निपटने के लिए श्यामपुर में वन विभाग के बंगले के सामने टीनशेड मे बनाई गई बाढ़ चौकी में कोई सुविधा नहीं है। बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं है। क्षेत्रीय पटवारी महिपाल सिंह का कहना है कि आपदा से निपटने के लिए वन विभाग के गेस्ट हाउस में बाढ़ चौकी बनाई गई है। वहीं वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर यशपाल सिह राठौर का कहना है कि वन विभाग के बंगले के सामने टीनशेड में चौकी बनाई गई है। दोनों ही स्थानों पर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रभावी इंतजाम करने को प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सभी कर्मचारियों को बाढ़ सुरक्षा चौकियों पर सतर्क रहने को कहा गया है। कहीं कर्मचारी नहीं मिले तो यह गंभीर मामला है। इसे दिखवाया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
- ललितनारायण मिश्रा, एडीएम और प्रभारी आपदा प्रबंधन
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