अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण द्वारा अंग्रेजी और हिंदी में लिखित योग विज्ञान के गूढ़ रहस्यों से युक्त ग्रंथ ‘योग-विज्ञानम्’ का देश के कई शहरों में एक साथ विमोचन किया गया।
असोम के नलबारी जिले में शनिवार को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, राज्य के आयुष, स्वास्थ्य और वित्तमंत्री हिमंता विश्व शर्मा, उद्योगमंत्री चंद्रमोहन पटोवारी और आचार्य बालकृष्ण की मौजूदगी में इसका विमोचन किया। राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह, गोवा में मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर, झारखंड में मुख्यमंत्री रघुवर दास और राज्यपाल द्रोपदी मुरमु, आंध्रप्रदेश में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, बंगलुरू में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, कर्नाटक में आयुष निदेशक जवाहर लाल पंवार, तेलंगाना में सांसद विश्वेश्वर रेड्डी और उड़ीसा में राजा, मंदिर के प्रथम सेवक गजपति महाराज और तमिलनाडु के संत हृदयानंद, महाराज आदि की मौजूदगी में विमोचन किया गया। इससे पहले योग दिवस के उपलक्ष्य में अहमदाबाद में हुए आयोजन के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री रमणीक लाल रुपानी, बाबा रामदेव, रमेशभाई ओझा के सानिध्य में इस पुस्तक का विमोचन किया।
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार योग विज्ञानम् योग के क्षेत्र की प्रथम पुस्तक है। इसमें योग के सार्वभौमिक, सार्वकालिक और सार्वजनिक स्वरूप, योग के इतिहास, बाबा रामदेव द्वारा प्रचारित आठ प्राणायामों की विधि के लाभ, सावधानियां आदि कपालभाति के वास्तविक स्वरूप का विवेचन, प्राणायाम के द्वारा कुण्डलिनी जागरण की प्रक्रिया, इड़ा-पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों के शास्त्राीय स्वरूप का वैज्ञानिक विवेचन, अष्टचक्र, आत्मतत्व, पिंड ब्राह्मांड, मानव पिंड में आत्मा का प्रवेश आदि विषयों को शास्त्रीय शैली में अभिव्यक्त करने वाली इस तरह की यह योग जगत की प्रथम पुस्तक है। यह पुस्तक आचार्य बालकृष्ण और उनकी टीम की ओर से योग जगत के लिए बड़ा तोहफा है।