देहरादून। यदि आपने अभी तक भवन कर जमा नहीं कराया है तो अब आपको आज से छूट नहीं मिलेगी। नगर निगम ने 15 मार्च तक भवन कर जमा कराने पर 20 प्रतिशत की छूट दी थी। जो शुक्रवार से समाप्त हो गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष की बात करें तो 25 करोड़ के सापेक्ष अभी तक 20 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है। ऐसे में अगले 15 दिनों में पांच करोड़ की वसूली करना निगम प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी।
भवन कर जमा करने के लिए नगर निगम ने पहले 28 फरवरी तक छूट दी थी। उसके बाद पार्षदों की मांग पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने 15 मार्च तक छूट बढ़ाने के निर्देश निगम को दिए थे। इसके अलावा वार्डों में कैंप भी लगाने को कहा गया था। शुक्रवार को भवन कर में दी जाने वाली छूट की समयसीमा समाप्त हो गई। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई है, ऐसे में अब भवन मालिकों को दी जाने वाली छूट की समयसीमा में कोई इजाफा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में निगम की ओर से इस वित्तीय वर्ष में कर अनुभाग को मिले 25 करोड़ रुपये भवन कर वसूलने का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। अभी तक 20 करोड़ रुपये भवन कर वसूला जा चुका है। ऐसे में शेष 15 दिन में लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम दिख रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि लक्ष्य को हरहाल में पूरा किया जाएगा।
केंद्रीय संस्थानों से वसूली को आज से जाएगी टीम
कर अधीक्षक विनय प्रताप के मुताबिक आज शनिवार से निगम की टीम केंद्रीय संस्थानों से वसूली के लिए जाएगी। नगर निगम केंद्रीय कार्यालयों को भी नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय सर्वेक्षण संस्थान, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, आवासीय परिसर ऑडिट कॉलोनी, उच्च प्रशिक्षण संस्थान आदि पर करोड़ों रुपये का भवन कर बकाया है।
35 लाख रुपये भवन कर वसूला
नगर निगम की ओर से लगाए गए कैंप और कार्यालय में बृहस्पतिवार को भीड़ उमड़ी। सैकड़ों लोगों ने करीब 35 लाख रुपये भवन कर वसूला। कर अधीक्षक विनय प्रताप ने बताया कि पंडितवाड़ी स्थित धरतावाला स्कूल और रेसकोर्स में पार्षद कार्यालय में कैंप लगाया गया। वहां से 5,16,407 रुपये भवन कर वसूला गया। इसके अलावा कार्यालय में 29,60,473 रुपये भवन कर जमा हुआ है।
15 मार्च तक भवन कर जमा कराने पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी। अब लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लग चुकी है। ऐसे में अब भवन कर जमा कराने पर अब आगे कोई छूट नहीं दी जाएगी।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर