ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि फड़-ठेली वालों के लिए जल्द वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इसके बाद सड़कों पर अवैध फड़-ठेली नहीं दिखाई देंगी। इससे लोगों को जाम से भी निजात मिलेगी। फड़-ठेली और अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद वह अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
मेयर ने अपर नगर आयुक्त से डेढ़ साल पहले कराए गए वेंडिंग जोन के सर्वे की जानकारी मांगी। कहा कि अगर पूर्व के सर्वे में कहीं कोई कमी है तो उसे दूर करते हुए लागू किया जाना चाहिए। कहा कि शहर को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखने के लिए फड़-ठेली को वेंडिंग जोन जरूरी है। ऐसा करने से ही अवैध फड़-ठेली चलाने वालों पर अंकुश लग सकेगा। उन्होंने कहा कि फड़-ठेली के लाइसेंस के लिए भी मानक बनाए जाएं। सत्यापन के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने संडे मार्केट के लिए भी अस्थाई वेंडिंग जोन बनाने के निर्देश दिए। बता दें कि नगर निगम में 2700 फड़-ठेली वाले रजिस्टर्ड हैं। जबकि शहर में पांच हजार से अधिक फड़-ठेली लगती हैं। डेढ़ साल पहले हुए सर्वे में 3600 लोग चिह्नित किए गए थे। इस अवसर पर मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह, डॉ. विवेकानंद सती आदि मौजूद रहे।
अभियान चलाया, अब मुनादी, फिर चलाएंगे अभियान
देहरादून। नगर निगम, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फड़-ठेली वालों के खिलाफ अभियान को लेकर खुद पसोपेश में हैं। मंगलवार को उन्होंने फड़-ठेली के खिलाफ अभियान चलाने की खानापूरी की गई। अब अगले दो दिन मुनादी कराई जाएगी। फिर तीसरे दिन से जब्तीकरण की कार्रवाई करेगी। इसके बाद सुबह और शाम पुलिस और निगम के एक-एक कर्मचारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। अवैध फड़-ठेली मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन अपने अभियान को लेकर खुद असमंजस में है। पहले तय हुआ कि अवैध फड़-ठेली सोमवार से हटाई जाएंगी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। आननफानन में मंगलवार को अभियान चलाया गया। करीब डेढ़ घंटे चले अभियान में मेयर, नगर आयुक्त और अन्य अधिकारी दुकानदारों से फड़-ठेली न लगने देने की अपील करते दिखे। केवल उन्हीं सामानों को उठाया गया जो सड़क पर लगाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक अब अगले दो दिन अवैध फड़-ठेली किसी भी सूरत में न लगाने की मुनादी कराई जाएगी। जो दर्शाता है कि निगम के अधिकारी खुद इस अभियान के लिए पहले से तैयार नहीं थे। आमतौर पर किसी भी अभियान की शुरुआत में मुनादी कराकर चेतावनी दी जाती है। उसके बाद ही कार्रवाई शुरू होती है। अगर तैयार होते तो पहले मुनादी कराई जाती, उसके बाद विधिवत तरीके से अभियान का शुभारंभ किया जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निगम के अधिकारी बैकफुट पर हैं। हालांकि वह कह रहे हैं कि अभियान जारी रखा जाएगा। वहीं, दूसरी ओर अधिकारियों ने वेंडिंग जोन को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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फड़-ठेली वालों ने जताया असंतोष
डिस्पेंसरी रोड पर ठेली पर सब्जी बेचने वाले मोहन ने बताया कि वह एक साल से निगम के चक्कर काट रहे हैं। उनका नाम सर्वे में भी था और निगम से उन्हें परिचय पत्र भी जारी किया गया था। बोले कि अगर निगम उनका वेंडिंग जोन तय कर देता तो उन्हें इस तरह इधर-उधर ठेली नहीं लगानी पड़ती।
पल्टन बाजार में ठेली पर कपड़े बेचने वाले सुनील कुमार ने बताया कि नगर निगम के अधिकारी अपनी खामियों को उन पर थोप रहे हैं। निगम को पहले खुद की व्यवस्थाएं सुधारनी चाहिए। हम गरीबों को तो हमेशा ही परेशान किया जाता है।
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अवैध फड़-ठेली और अतिक्रमण के खिलाफ चला अभियान
देहरादून। अवैध फड़-ठेली और अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार को नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। पल्टन बाजार, हनुमान चौक, डिस्पेंसरी चौक आदि में हुई कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगे फड़ से सामान जब्त किया गया। अभियान के दौरान मेयर ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि दुकान के बाहर अवैध रूप से फड़ नहीं लगने चाहिए।
मेयर सुनील उनियाल गामा, नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय और पुलिस अधिकारियों की टीम ने फोर्स के साथ अभियान शुरू किया। तहसील चौक से शुरू हुआ अभियान, डिस्पेंसरी रोड, हनुमान चौक, मोती बाजार, पल्टन बाजार आदि जगहों पर चला। टीम को देखकर दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगे फड़ खुद-ब-खुद हटने लगे। ठेली वाले भी गायब हो गए। इस दौरान टीम ने सामानों को जब्त कर लिया। नगर आयुक्त ने बताया कि अभियान एक दिवसीय है। निगम और पुलिस के एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। वह सुबह और शाम एक-एक घंटे यहां आकर स्थिति का जायजा लेंगे। यदि अतिक्रमण मिलता है और अवैध फड़-ठेली लगती हैं तो उन्हें हटाया जाएगा। इस मौके पर भूमि कर अधीक्षक विनय प्रताप, नायब तहसीलदार नरेश चंद्र नौटियाल आदि मौजूद रहे।