ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय अत्याधुनिक तकनीकी के साथ ही पहाड़ी निर्माण शैली का बेजोड़ नमूना होगा। राज्य सरकार से केदारपुरम में जमीन मिलने के बाद निर्माण की प्राथमिक योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत मंगलवार को दून पहुंचे सीबीएसई के अभियंताओं ने एमडीडीए के अधिकारियों से वार्ता की।
सीबीएसई ने इसी वर्ष क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह की कोशिशों के बाद राज्य सरकार से जमीन खरीदी थी। यह जमीन दून विश्वविद्यालय के निकट केदारपुरम क्षेत्र में है। इस जमीन पर अब बोर्ड अपने क्षेत्रीय कार्यालय के निर्माण की तैयारी में जुट गया है। करीब 50 करोड़ रुपये के खर्च से यह इमारत बनने जा रही है। इमारत का डिजाइन तैयार करने के लिए बोर्ड के वरिष्ठ इंजीनियर भी दून पहुंच चुके हैं। उन्होंने निर्माण के बाबत एमडीडीए के अधिकारियों से मिलकर नियमावली पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि यह कार्यालय एक ओर जहां बाहर से पहाड़ी निर्माण शैली का बेजोड़ नमूना होगा तो दूसरी ओर भीतर से अत्याधुनिक बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) तकनीक से लैस होगा। इसके तहत पूरा कार्यालय ऑटोमेटिक सिस्टम पर काम करता है। इसमें किसी भी कक्ष में प्रवेश करते ही ऑफिस के तमाम उपकरण स्वत: चालू हो जाते हैं और बाहर निकलते ही अपने आप बंद हो जाते हैं। साथ ही लॉक भी हो जाता है। यह तकनीक जापान और अमेरिका जैसे विकसित देशों में इस्तेमाल की जाती है।
सीबीएसई कार्यालय में ऐसे निर्माण के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पास होने वाला है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ने करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करने को हरी झंडी दे दी है। बाकी बजट पर अभी फैसला होना बाकी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में सीबीएसई ने देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय खोला था। तब से यह कार्यालय किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने कार्यालय की जमीन के लिए विशेष प्रयास किए थे।