फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फीस बढ़ोतरी के विरोध में सड़कों पर उतरे आयुष छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
फीस बढ़ोतरी के विरोध में सड़कों पर उतरे आयुष छात्र
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। फीस बढ़ोतरी के विरोध में निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र मंगलवार को सड़कों पर उतर गए। दोपहर में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। जिस पर पुलिस और छात्रों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। इस दौरान वहां पहुंचीं अपर सिटी मजिस्ट्रेट अपूर्वा ने छात्रों की बात सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन देकर उनको शांत किया। छात्रों ने अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वहीं एनएसयूआई ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया है कि शुल्क नियामक समिति की संस्तुति के बिना ही वर्ष 2015 से फीस 80 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 15 हजार कर दी गई है। जिसे आधार बनाकर मेडिकल कॉलेज उनसे साल 2015 से पहले के छात्रों से भी बढ़ी हुई फीस वसूल रहे हैं। छात्र ललित मोहन जोशी ने कहा कि इसके विरोध में मेडिकल के छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें हाईकोर्ट ने फीस बढ़ोतरी और इस संबंध में जारी शासनादेश को रद्द कर वसूला गया अधिक शुल्क दो माह में लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी छात्रों से बढ़ी हुई फीस वसूली जा रही है। जिससे उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। जिस कारण काफी छात्र तनाव में हैं। इससे उनका भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन

इस मौके पर छात्रों ने मांग की है कि आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को पद से हटाया जाए। साथ ही छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं होती तो छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, जिला अध्यक्ष सौरभ ममगाई, मीडिया प्रभारी विकास नेगी, आदित्य बिष्ट, राजेश भट्ट, मनोज रावत, अंकित, विजय, आयुष, अजय, मनीष, आदित्य, नितेश, शिवम, पारूल, प्राची सहित सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन

--
कॉलेज संचालक बोले हमारी भी सुने सरकार
निजी आयुर्वेद कॉलेजों के संगठन एसोसिएशन ऑफ कंबाइंड एंट्रेंस एग्जामिनेशन ने सरकार पर फीस वृद्धि के मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। संगठन के अध्यक्ष डा. एके कांबोज ने कहा कि एक तरफ तो सरकार मेडिकल कॉलेजों की फीस में बढ़ोत्तरी कर रही है। दूसरी ओर 2007 से उनके शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इसके चलते कॉलेजों के संचालन में दिक्कतें बढ़ गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें