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बिजली कर्मचारी 17 दिसंबर से करेंगे आंदोलन

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने नए सिरे से आंदोलन का एलान कर दिया है। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की बैठक में रणनीति तय करने के साथ ही सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में सहमति बनी कि 17 दिसंबर को पिटकुल, 19 दिसंबर को यूपीसीएल और 21 दिसंबर को यूजेवीएनएल में मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अगले दिन 22 दिसंबर से तीनों निगमों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहने के साथ ही शुद्धि बुद्धि यज्ञ करेंगे। यज्ञ के साथ ही आंदोलन के अगले चरण पर चर्चा कर उसे अमल में लाया जाएगा। बैठक मेें वक्ताओं ने कहा कि यदि आंदेालन के दौरान शासन और प्रबध्ंान के स्तर पर कर्मचारियोें का उत्पीड़न किया गया तो आम हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।
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उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक पावर इंजीनियर एसोसिएशन के कार्यालय में इंसारूलहक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा के तीनों निगमों में लंबे समय से कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन, उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। शासन और तीनों निगमाें के प्रबंधन के साथ हुई बैठक में समझौता होने के एक साल बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया गया है।
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वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सरकार सचिव की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करें। लेकिन, शासन में बैठे आला अफसर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। वक्ताओं ने यूपीसीएल में पदोन्नति की नियमावली पर भी सवाल उठाए और इसे नए सिरे से बनाने की मांग की। बैठक में इंसारूल हक, प्रदीप कंसल , राकेश शर्मा, अनिल मिश्रा, केहर सिंह, संदीप शर्मा, डी सी ध्यानी, सुनील मोगा, एमएम नोटियाल, केएस नेगी, विनोद कवि, दीपक बेनीवाल आदि उपस्थित रहे।
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