ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
प्रदेश के निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों ने एक्ट और नियमों का हवाला देते हुए नीट से इतर अपनी प्रवेश परीक्षा की मांग रखी है। जिस पर सरकार ने अभी पूरी जांच पड़ताल करने के बाद फैसला लेने को कहा है।
आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को आयुष दाखिलों को लेकर हुई बैठक में इस साल नीट के अंकों के आधार पर आयुष दाखिले की बात तय की गई। उधर, निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों की एसोसिएशन ने बैठक में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चूंकि प्रदेश में लागू एक्ट के हिसाब से कॉलेज अपने स्तर से प्रवेश परीक्षा करा सकते हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में आए हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया। बैठक में उनका पक्ष सुनने के बाद कहा गया कि अभी पूरे मामले पर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश समझे जाएंगे। इसके बाद ही अलग प्रवेश परीक्षा पर फैसला हो सकेगा। उधर, चूंकि कॉलेजों को अभी तक मान्यता नहीं मिली है, इसलिए आयुष काउंसिलिंग पर फैसला नहीं हो पाया। आयुष सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि बैठक में काउंसिलिंग की तिथियों को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।