किसके कहने पर हटाया गया सड़ा-गला चावल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आरएफ सी के गोदाम में महीनों से सड़ रहा चावल किसके कहने पर हटाया गया? इसकी जांच करने की बजाय आला अधिकारी मामले की लीपापोती में जुटे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने जब गूलरघाटी गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां से सड़ा-गला चावल गायब था। सूत्रों की मानें तो निरीक्षण से पहले ही चावल दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि जून 2017 में पूर्व खाद्य विभाग ने भारतीय खाद्य निगम से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 10 हजार क्विंटल चावल की खरीद की थी। यह चावल आरएफसी के गूलरघाटी स्थित गोदाम में रखा गया था। यह चावल राज्य पोषित योजना के तहत एपीएल कार्डधारकों को वितरित किया जाना था। उस समय सब्सिडी कम करने के विरोध में राशन डीलरों ने चावल का उठान करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से यह चावल गोदाम पर पड़ा हुआ है। विभाग इस ठीक से रखरखाव नहीं कर पाया, जिससे चावल खराब होता चला गया। अब स्थिति ये है कि काफी मात्रा में चावल सड़ चुका है, जिससे दुर्गंध आने लगी है। अमर उजाला में इस संबंध में बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। आपूर्ति विभाग इस सडे़ हुए चावल को साफ राशन में मिलाकर राज्य के पर्वतीय जिलों में भेजने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले ही इस लापरवाही से पर्दा उठ गया। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दोपहर में आरएफसी चंद्र सिंह धर्मसत्तु अन्य अधिकारियों के साथ गूलरघाटी गोदाम पहुंचे।
सूत्रों की मानें तो आरएफ सी के आने से पहले ही कर्मचारियों ने सड़े हुए चावल को ट्रांसपोर्ट नगर गोदाम में शिफ्ट कर दिया था। जिससे अधिकारी को मौके पर कुछ नहीं मिला। अधिकारी को बताया गया कि गोदाम की काफी समय से सफाई नहीं की गई है, इसलिए वहां से बदबू आ रही है। तब मौके पर मिले चावल का सैंपल ले लिया गया था। उधर सूत्रों की मानें तो अब अधिकारी इस लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं अब इस संबंध में कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयारी नहीं हैं।