वेतन बढ़ोतरी प्रस्ताव के खिलाफ गरजे बैंक कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
महज दो प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सभी बैंकों के कर्मचारी 30 और 31 मई को हड़ताल पर रहेंगे। इसमें उत्तराखंड के भी कर्मचारी शामिल हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम वेतन वृद्धि के बावजूद सभी जोखिम बैंक कर्मचारियों के लिए हैं। सरकार की यह नीति चलने नहीं दी जाएगी।
बृहस्पतिवार को भारतीय स्टेट बैंक की राजपुर रोड स्थित शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंदीरत्ता का कहना है कि देशभर के दस लाख से ज्यादा कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंक कर्मियों का हर पांच वर्ष बाद वेतन बढ़ोतरी में यूनियन व बैंक प्रबंधकों के संगठनों आईबीए के बीच समझौता होता आया है। पिछला वेतन समझौता 31 अक्तूबर 2017 को समाप्त हो गया। एक नवंबर 2017 से नया समझौता लागू होना था।
वित्त मंत्रालय ने आईबीए को कई बार पत्र खिलकर इसे समय से लागू करने के निर्देश दिए लेकिन 15 दौर की वार्ता के बाद भी आईबीए ने वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं दिया। इसके विरोध में एक मार्च को हड़ताल की गई लेकिन वित्त मंत्री के हस्तक्षेप व आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली थी। पांच मई को आखिरी दौर की वार्ता के बाद मात्र दो प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव बैंक कर्मियों के साथ मजाक है। इसके खिलाफ 30 व 31 को सभी बैंकों में हड़ताल रहेगी। इसमें उत्तराखंड की भी 1600 बैंक शाखाएं दो दिन तक बंद रहेंगी। प्रदर्शन करने वालों में हरिओम रेखी, एसके जुयाल, समदर्शी बड़थ्वाल, काम राव, आरपी शर्मा, राजन सुंद्रियाल, मुरारीलाल नौटियाल, सीके जोशी, विनय कुमार शर्मा, पीयूष पयाल, प्रवीन जौली आदि मौजूद रहे।