ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
झाझरा पावर स्टेशन में करोड़ों की लागत वाले ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले में धीमी जांच पर ऊर्जा सचिव राधिका झा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जांच टीम को 31 मई तक जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने भी अपनी जांच में ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
झाझरा पावर सब स्टेशन में कई माह पूर्व करोड़ों रुपये की लागत वाला ट्रांसफार्मर फुंक गया था। जिसकी विभागीय जांच की जा रही है। जांच में सहायक अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक दर्जन भर अभियंताओं को आरोप पत्र भी जारी किया जा चुका है। आरोप पत्र के बाद यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अतुल कुमार अग्रवाल व पिटकुल के निदेशक मानव संसाधन आशीष कुमार की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम आरोप पत्र पाने वाले अभियंताओं से पूछताछ कर रही है। अब सचिव ऊर्जा राधिका झा ने जांच टीम में शामिल अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि प्रकरण की जांच 31 मई तक पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएं। ताकि ट्रांसफार्मर फुंकने के लिए जिम्मेदार अफसरों और अभियंताओं पर कार्रवाई की जा सके। वहीं सूत्रों के मुताबिक ट्रांसफार्मर फुंकने की जांच कर रही आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें विशेषज्ञों ने ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।