ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पुरानी गारंटेड पेंशन नीति लागू करने के अलावा अलावा जोखिम भत्ता और किलोमीटर भत्ते में संशोधन करने जैसी मांगों को लेकर रेलकर्मियों ने मंगलवार से 72 घंटे की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की है। रेलकर्मियों ने मांगें स्वीकार नहीं किए जाने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के आह्वान पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार से दून रेलवे स्टेशन परिसर में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस मौके पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के शाखा सचिव राजेंद्र सिंह गुसांई ने कहा कि रेल मंत्रालय और आला अफसर फेडरेशन के जोखिम व किलोमीटर भत्तों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव लागू कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी रेलवे में निजीकरण, निगमीकरण और ठेका प्रथा को तत्काल बंद करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड मांगों पर सकारात्मक विचार विमर्श नहीं करते हैं तो रेलवे से संबंधित तमाम यूनियन के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन शाखा सचिव राजेंद्र सिंह गुसांई, रंजीत देशवाल, नरेश गुरुंग, प्रमोद धामा, गौरव चौहान, नरेश कुमार, बीएस राजपूत, राजेश गिरी, सुमित कुमार आदि उपस्थित थे।