ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में सरकारी कर्मचारी अपने अधिकारों की लड़ाई अब एक होकर लड़ेंगे। इसके लिए राज्य स्तर पर उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया है। संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह मोर्चा के मुख्य संयोजक बनाए गए हैं। जबकि, विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्री समिति के संयोजक मंडल में शामिल किए गए हैं।
परेड मैदान स्थित डिप्लोमा संघ भवन में मंगलवार को 17 कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संयुक्त मोर्चा बनाने पर सहमति बनी। बैठक में अलग-अलग कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख समस्याएं भी रखीं। इनमें से 12 प्रमुख समस्याओं और मांगों को चिह्नित किया गया है। आज होने वाली बैठक में इन 12 बिंदुओं पर चर्चा के बाद मांग पत्र तैयार किया जाएगा।
मोर्चा में संतोष रावत, डॉ. सोहन सिंह माझिला, दिग्विजय सिंह चौहान, राजेंद्र बहुगुणा, संदीप मौर्य, भावेश जगूड़ी, गुड्डी मटूड़ा, प्रदीप सती, दीपक जोशी, बीएस रावत, भोपाल सिंह सैनी और इंसारुल हक को संयोजक बनाया गया है। बनवारी सिंह रावत को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में गजेंद्र कपिल, आरपी बहुगुणा, अरुण पांडे, कमल किशोर डिमरी, दीपक चौहान, संदीप शर्मा, सूर्यप्रकाश राणाकोटी, मनबर सिंह नेगी, रामचंद्र रतूड़ी, रमेश नेगी, सीपी सुयाल आदि मौजूद रहे।
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इसलिए पड़ी संयुक्त मोर्चा बनाने की जरूरत
ठाकुर प्रह्लाद सिंह के अनुसार, प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। अलग-अलग आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की बात का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। किसी एक विभाग के कर्मचारी के आंदोलन करने से बहुत ज्यादा असर भी नहीं पड़ता। लिहाजा कर्मचारियों ने एकजुट होकर एक-दूसरे की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। एक साथ जब सभी कर्मचारी सरकार के पास जाएंगे तो स्वाभाविक तौर पर उनकी बात सुनने का दबाव बनेगा।
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आज बनेगा मांग पत्र
मोर्चा की पहली बैठक आज आयोजित होगी, जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र तैयार किया जाएगा। साथ ही भविष्य की रणनीति भी तैयार की जाएगी। बैठक में कुछ अन्य कर्मचारी संगठनों के भी मोर्चा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
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यह कर्मचारी संगठन हुए शामिल
मोर्चा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, राजकीय शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अशासकीय माध्यमिक शिक्षणेत्तर महासंघ, सचिवालय कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, वाहन चालक महासंघ, उपनल कर्मचारी महासंघ, वन कर्मचारी महासंघ, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महासंघ, उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी/अधिकारी संयुक्त मोर्चा, रोडवेज कर्मचारी/अधिकारी संयुक्त मोर्चा, निकाय कर्मचारी महासंघ, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ, अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संगठन।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
मोर्चा ने सेवाकाल में प्रत्येक कर्मचारी को तीन पदोन्नति का लाभ, एसीपी का लाभ, सातवें वेतनमान के समस्त भत्तों का लाभ, सार्वजनिक निगमों एवं उपक्रमों के कर्मचारियों को एरियर का लाभ, वेतन विसंगति का समाधान, उपनल व आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ, सभी कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड योजना का लाभ देने की मांग की। साथ ही कार्मिकों को वाहन भत्ते का लाभ, वेतन समिति की पुनर्गठन रिपोर्ट को अस्वीकार करने, जिला पंचायत कार्मिकों को राजकीय कर्मचारी घोषित करने, वाहन चालकों की स्टाफिंग पैटर्न व्यवस्था को पूर्ववत रखने और स्थानांतरण एक्ट में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को छूट देने की भी मांग की।