केदारनाथ। जून 2013 की आपदा के बाद हाशिए पर सिमटी केदारनाथ यात्रा को 2015 से एक नया मुकाम मिला है। इसके बाद प्रतिवर्ष जहां कपाट खुलने के दिन और पूरे यात्राकाल में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2013 में 14 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे, तब करीब 8 हजार श्रद्धालुओं ने पहले दिन बाबा केदार के दर्शन किए थे, लेकिन इसके बाद 14 जून तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच गए थे।
16/17 जून की आपदा के बाद केदारनाथ धाम में चारों तरफ तबाही का आलम था। ऐसे में करीब पौने तीन माह तक यहां सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद 11 सितंबर 2013 को केदारनाथ के कपाट पुन: खुले, जो बाबा की यात्रा में एक नया अध्याय था। वर्ष 2014 में 4 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुले और 1000 श्रद्धालुओं ने पहले दिन बाबा के दर्शन किए। पूरे यात्राकाल में 48 हजार श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे थे। वर्ष 2015 में 24 अप्रैल को धाम के कपाट खुले और राहुल गांधी, जतिन पटेल, अंबिका सोनी, पूर्व सीएम हरीश रावत सहित 7039 यात्रियों ने पहले दिन दर्शन किए थे। वर्ष 2016 में 9 मई को केदारनाथ के कपाट खुले और इस अवसर पर 7068 यात्रियों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। पिछले वर्ष 2017 में 3 मई को धाम के कपाट खुले। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 9439 यात्रियों ने पहले दिन दर्शन किए थे। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि केदारनाथ यात्रा को लेकर जो लेखा-जोखा मौजूद है, उसके आधार पर एक दिन में कभी भी 25 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन नहीं किए। इस बार, बाबा की यात्रा में पहले ही दिन एक और नया अध्याय जुड़ गया है। 19वीं सदी में तो पूरे यात्राकाल में भी इतने शिव भक्त केदारनाथ नहीं पहुंचते थे।