ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
आजाद कालोनी स्थित मदरसा-दार-ए-अकरम में छात्रों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर उलमा ने कहा कि कुरान के संदेश पर अमल करने से ही जिंदगी रोशन होगी। उन्होंने लोगों से कुरान की शिक्षा पर अमल करने और दूसरों तक पहुंचाने की अपील की।
रविवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड कुरान पढ़ने की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाले नौ वर्षीय जैद हसन व अपने वर्ग में चौथा स्थान हासिल करने वाले शाहनवाज समेत चार छात्रों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रतियोगिता 17, 18 व 19 फरवरी को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी व दारूल उलूम देवबंद के पूर्व कुलपति मौलाना गुलाम वुस्तानवी की ओर से मौलाना हुसैन अहमद मदनी मदरसा अंबेहटा सहारनपुर में आयोजित की गई थी। जिसमें मदरसा के चार छात्रों ने प्रतिभाग किया था।
शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि खुदा के रसूल का फरमान है कि तुम में सब से बेहतरीन वह है जो कुरान सीखे ओर सिखाए। कहा कि हमें कामयाबी हासिल करने को कुरान की शिक्षाओं को समझना होगा। जमीयत के जिला अध्यक्ष और वक्फ बोर्ड के पूर्व सदस्य मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने कहा कि जो कुरान की शिक्षाओं पर अमल करेगा उसकी जिंदगी रोशन हो जाएगी। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने वालों की फजीलत बयान की। कहा कि कुरान हाफिज अपनी सात नस्लों की निजात का जरीया बनेगा। इस दौरान हाफिज सुलेमान, मुफ्ती हुजैफा कासमी, कारी गुलजार, मुफ्ती खुशनूद, मदरसा बोर्ड के उपाध्यक्ष रिजवान अहमद खान, गुलजार अहमद, उप रजिस्ट्रार हाजी अखलाक अहमद, हाजी इकबाल अहमद, हाजी सलीम अहमद, हाजी युसुफ, मदरसे के मोहतमिम मोहम्मद शाहनजर, मास्टर अब्दुल सत्तार, मौलाना अब्दुल वाजिद, मौलाना आमिर, हाजी इसहाक, डॉ. जमशेद उस्मान आदि मौजूद रहे।