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दून विवि में खुलेगा डा. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र

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दून विवि में खुलेगा डा. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
शिवाविद और समाजसेवी डा. नित्यानंद की स्मृति में राज्य सरकार दून विश्वविद्यालय में ‘डा. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र’ की स्थापना करने जा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और केंद्रीय राज्य मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय सत्यपाल सिंह भूमि पूजन के बाद केंद्र का शिलान्यास करेंगे।
बृहस्पतिवार को दून विवि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. धन सिंह रावत ने बताया कि तीन माह में केंद्र की व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया जाएगा। एक वर्ष में पाठ्यक्रम तैयार करने, नियुक्तियां समेत अन्य कार्य पूरे किए जाएंगे। दून विवि के अधीन केंद्र में अगले सत्र से शोध शुरू करने की योजना है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को विवि परिसर में भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उसके बाद सभा भी आयोजित की जाएगी। पत्रकार वार्ता में दून विवि के कुलपति प्रो. सीएस नटियाल, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, डॉ. एचसी पुरोहित, डॉ. केडी पुरोहित, मंगल सिंह मंद्रवाल, डॉ. मुकेश देवराड़ी, डॉ. राकेश रयाल, प्रवीण दानू आदि मौजूद रहे।
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समाज को समर्पित किया जीवन
नौ फरवरी 1926 को आगरा में जन्मे डा. नित्यानंद ने लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में कार्य किया। 1965 से 1985 तक वह दून में डीबीएस पीजी कॉलेज में भूगोल के विभागाध्यक्ष और रीडर रहे। 1991 में उत्तरकाशी में आए विनाशकारी भूकंप के बाद उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों में सहयोग किया और उसी क्षेत्र में कार्य करने लगे। उन्होंने अलग उत्तराखंड राज्य की अवधारणा को बढ़ावा दिया। उन्होंने जनजातीय गांवों में विद्यालय और छात्रावास भी खोले।
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