पूर्व मुख्यमंत्री ने खुुशहालपुर पहुंच ली घटना की जानकारी
- हरीश रावत ने ग्रामीणों को मामले में निष्पक्ष जांच का दिलाया भरोसा
- पूर्व और वर्तमान ग्राम प्रधान के बीच मारपीट का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सेलाकुई।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुशहालपुर गांव पहुंच कर ग्राम प्रधान नूरजहां से बीते दो फरवरी को मनरेगा सोशल ऑडिट के दौरान हुई मारपीट के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान एक पक्ष ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को मामले में निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया।
ग्राम प्रधान ने कहा कि सोशल ऑडिट टीम ने सरकार के दबाव में झूठी रिपोर्ट तैयार कर लोगों को पूरे ब्लॉक में कांग्रेस समर्थित प्रधानों के खिलाफ उकसाने का काम किया। घटना के दिन पूर्व प्रधान और उनके साथियों ने मारपीट शुरू की। लेकिन मामले में पुलिस ने उनके पति इलियास अहमद और अन्य समर्थकों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सरकार के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जाएगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष यामीन अंसारी, सुशील राठी, राशिद पहलवान, जैद रफी अंसारी आदि मौजूद रहे।
वहीं दूसरे पक्ष ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पूर्व मुख्यमंत्री से न मिलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। कहा घटना के दिन प्रधान पति ने मारपीट शुरू की। थानाध्यक्ष ने गांव में शांति-व्यस्था कायम करने के लिए जो कदम उठाए वो एकदम ठीक हैं। थानाध्यक्ष के प्रयासों की बदौलत क्षेत्र में काफी हद तक नशे पर भी रोक लग चुकी है। पत्र भेजने वालों में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अकरम अली, वसीम अली, नफीस अली, शमीम अली, नौशाद आलम, सुमित नेगी आदि मौजूद रहे।