ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजस्व बकाएदारों पर शिकंजा कसने के लिए तहसील प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। तहसीलदार का कहना है कि संबंधित बकाएदारों को वाणिज्य कर, प्रतिकर और विद्युत देय आदि चुकाने के लिए आठ दिन का समय दिया गया था। इस अवधि में भी धनराशि नहीं चुकाने पर शहर के दस बड़े बकाएदारों की चल और अचल संपत्ति कुर्क की जा रही है।
तहसीलदार मुकेश चंद्र रमोला ने बताया कि तहसील प्रशासन का बड़ा राजस्व बकाएदार दबाकर बैठे हैं। इसके लिए उनको नोटिस जारी कर आठ दिन का समय दिया गया था, लेकिन उनकी ओर से न तो बकाया जमा कराया गया और न ही कोई जवाब आया। लिहाजा राजस्व बकाएदारों की संपत्ति का आंकलन का ऋण के बकाए की अदायगी के लिए कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। बकाएदारों के घरों और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी जा रही है। कोशिश है कि वित्तीय वर्ष से पहले सारा बकाया वसूल लिया जाए।
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बकाएदारों के नाम बकाया धनराशी
सुकॉम पॉवर सिस्टम लि. 1,91,50,402
टेक्नोसेल्स एंड टेक्नोलॉजिज 4,31,90,880
शॉर्प बिजनेस सिस्टम इ.लि. 10,063,813
ओबराय आटो सेल्स 3,32,93,028
मदुरा गारमेंट्स एंड डिवीजन ऑफ आदित्या बिरला नोवा लि. 2,95,69,550
एएमसी प्रोजेक्ट प्रा. लि. 1,21,50,000
वेंकटेश्वर पेपर 1,82,96,300
सृष्टि बिल्डटेक प्रा.लि. 2,46,26,500
अमर बिल्डर्स 2,29,77,354
जेपी ग्रुप 1,98,00,000