ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
उत्तर प्रदेश के 56 विकल्पधारी शिक्षकों की ‘घर वापसी’ हो गई है। इन शिक्षकों को पूर्व में यूपी के लिए भेज दिया गया था, हालांकि अलग-अलग कारणों से इन्होंने तय समय तक ज्वाइन नहीं किया था। वहीं, कुछ शिक्षकों को समय से रिलीव नहीं किया गया था। अब उत्तर प्रदेश शासन ने शिक्षकों को राहत देते हुए ज्वाइनिंग के आदेश जारी किए हैं।
यूपी के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने उत्तराखंड शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर 2017 को यूपी सरकार ने अनापत्ति के आधार पर, अब तक कार्यमुक्त नहीं होने वाले अध्यापकों की अनापत्ति निरस्त किए जाने और उत्तराखंड सरकार से रिलीव नहीं किए गए शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने के शासनादेश को निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर से पहले जिन शिक्षकों को उत्तराखंड सरकार ने यूपी में कार्यभार ग्रहण के लिए कार्यमुक्त किया था, उन्हें यूपी में अब तैनाती नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक स्थिति, कार्यभार ग्रहण करने की समयसीमा निर्धारित न होने और चरणबद्ध तरीके से कार्यमुक्त होने की प्रक्रिया में समय लगने के कारण शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण न करने की जानकारी मिली है। इन बिंदुओं पर विचार के बाद शिक्षकों को तैनाती का निर्णय लिया गया है।