रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ के समीप शुक्रवार को रसोई गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में आग लगने से ट्रक समेत 282 सिलेंडर जलकर राख हो गए। आसमान छूती लपटों के साथ सिलेंडरों के फटने से करीब पौने दो घंटे तक जोरदार धमाके होने से अलकनंदा घाटी गूंज उठी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने हाईवे के ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया। जिलाधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
बहादराबाद स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के प्लांट से 282 (270 घरेलू व 12 व्यावसायिक) सिलेंडरों से भरा ट्रक शुक्रवार सुबह मंदाकिनी गैस एजेंसी रुद्रप्रयाग आ रहा था। ये सिलेंडर नया बस अड्डा परिसर में बांटी जानी थी, लेकिन सिरोहबगड़ भूस्खलन जोन से करीब आधा किमी पहले भूमरागढ़ के समीप ट्रक के इंजन से केबिन में अचानक आग लग गई। चालक और परिचालक ने वाहन रोककर आग बुझाने का प्रयास किया, पर आग की लपटों ने सीट पर लगी गद्दी से वहां रखे रजाई गद्दे को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों लोग जब तक कुछ समझ पाते, आग की लपटें सिलेंडरों तक पहुंच गई। जान बचाने को चालक व परिचालक वाहन से उतरे और भागकर सुरक्षित जगह पर चले गए। लगभग 20-25 मिनट बाद करीब साढ़े छह बजे से ट्रक से एक के बाद एक जोर के धमाके के साथ धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते पूरा ट्रक आग के गोले में तब्दील हो गया। 10 से 15 सेकंड के अंतराल में आसमान छूती लपटों के साथ जलते सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट रहे थे। सिलेंडर फटने के साथ 50 से तीन सौ मीटर दूरी तक छिटकते रहे। कुछ सिलेंडर आग का गोला बनकर अलकनंदा नदी में भी जा गिरे। जोरदार धमाकों की आवाज चार किमी दूर धारी देवी तक सुनाई दे रही थी। सिलेंडरों के धमाकों का सिलसिला करीब पौने दो घंटे (प्रात: सवा 8 बजे) तक चला।
घटना की सूचना पर पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग का लाव-लश्कर जरूरी उपकरणों के साथ करीब सात बजे बजे भूकरागढ़ पहुंच गया था, लेकिन धू-धू कर जल रहे ट्रक और सिलेंडरों के भयंकर धमाकों के चलते मौके पर जाना संभव नहीं था। प्रात: साढ़े आठ बजे बाद धमाकों के बंद होने के बाद रेस्क्यू दल ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में लगी आग को बुझाया और जेसीबी की मदद से आग की भेंट चढ़े सिलेंडरों और ट्रक को सड़क किनारे किया। प्रात: नौ बजे से राजमार्ग पर यातायात सुचारु हो पाया। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने उप जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा को घटना की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट भेजने को कहा है। उन्होंने पूर्ति विभाग से भी जरूरी जानकारी मांगी है।
25 लाख का हुआ नुकसान
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर हुए हादसे के बारे में मंदाकिनी गैस एजेंसी के प्रबंधक बीएस शाह ने बताया कि ट्रक में 270 छोटे और 12 बड़े रसोई गैस सिलेंडर भरे हुए थे, जिनकी लागत 9 लाख से अधिक थी। 15 लाख से अधिक का वाहन था। हादसे से 25 लाख का नुकसान हुआ है। वाहन स्वामी को सूचित कर दिया गया है।
पुलिस रही सक्रिय, तुरंत डायवर्ट किया यातायात
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ के समीप रसोई गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में आग लगने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्परता के साथ श्रीनगर से रुद्रप्रयाग की तरफ आ रहे वाहनों को डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मार्ग से छांतीखाल-दैजीमांडा-खांकरा के लिए संचालित किया। पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही खांकरा और सिरोहबगड़ में तैनात पुलिस कर्मियों को जरूरी निर्देश दे दिए गए थे। घटनास्थल से पहले ही दोनों ओर की आवाजाही रोक दी गई थी। यह संयोग रहा कि अन्य दिनों की अपेक्षा हाईवे पर ट्रैफिक ज्यादा नहीं था।
खाली सिलेंडर ले जा रहा ट्रक भी पलटा
रुद्रप्रयाग। घटनास्थल से करीब सौ मीटर आगे बीते बृहस्पतिवार शाम को खाली सिलेंडरों से भरा ट्रक भी हाईवे पर पलट गया। बताया जा रहा है कि ट्रक में करीब 100 खाली सिलेंडर थे।