ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य में जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन के बाबत वन विभाग व शिक्षा विभाग के अफसरों ने नई पहल शूरू की है। इसके तहत गर्मी की छुट्टियों में स्कूली बच्चों से आसपास के वन क्षेत्रोें में काफल, बांज, किनगोड़, हिंसर, भीमल, व मेहल जैसे पहाड़ी फलाें व पेड़ों के बीज एकत्र कराए जाएंगे। इन बीजों के बेचने से एकत्र धनराशि बच्चों में बांट दी जाएगी।
राजकीय इंटर कॉलेज बुरांसखंडा के प्रवक्ता कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि मशीनीकरण के दौर में बच्चे मिट्टी से दूर होते जा रहे हैं। बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के अलावा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन के बारे में भी जागरूक करना होगा। बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से वन क्षेत्राधिकारी मनमोहन सिंह बिष्ट की मदद से यह पहल की गई है। छात्र-छात्राओं की मदद से गर्मियों की छुट्टियों में अभियान चलाया जाएगा। छुट्टियों के बाद बच्चे बीजों को लेकर कॉलेज आएंगे और इन बीजों को सरकारी दर पर खरीदा जाएगा। इस कदम से बच्चों को जहां अपने आसपास की जैव विविधताओं की जानकारी होगी। वहीं उन्हें प्रकृति से जुड़ने का मौका भी मिलेगा। बीज जमा करते समय बीजों से संबंधित जानकारी की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में नाम, कक्षा, अभिभावकों के नाम पते, मोबाइल नंबर के साथ ही बीजों के औषधीय गुणों की जानकारी देना शामिल होगा।