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ई-रिक्शा के खिलाफ विक्रम संचालकों ने खोला मोर्चा

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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राजधानी की मुख्य सड़कोें पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक और पंजीकरण पर रोक की मांग के समर्थन में विक्रम संचालकाें ने मोर्चा खोल दिया है। इस बाबत विक्रम जनकल्याण सेवा समिति ने पुलिस अधीक्षक यातायात को पत्र सौंपा है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इनके संचालन पर रोक नही लगायी गई तो विक्रम यूनियन, सिटी बस यूनियन, आटो यूनियन एकजुट होकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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विक्रम जनकल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश शर्मा व महासचिव राजेंद्र कुमार का कहना है कि ई-रिक्शा को साइकिल रिक्शा की जगह संचालित करने की अनुमति दी गई थी। ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। यह शर्त लगायी गई थी कि ई-रिक्शा का संचालन स्वयं वाहन स्वामी द्वारा किया जाएगा। जबकि स्थित शर्तों से उलट है। ई-रिक्शा मालिक किराए पर चालकों से संचालन करा रहे हैं। इसके अलावा कई लोग बड़े पैमाने पर कारोबार कर रहे है। संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों के बजाए नेहरू कॉलोनी, बलबीर रोड, लक्ष्मी रोड, कैनाल रोड, आईटी पार्क मोड़, जोगीवाला-इंद्रपुर मार्ग, इंद्रानगर-सीमाद्वार- गढ़वाली कॉलोनी से लेकर जीएमएस रोड, दून शायर कॉलोनी- सांईलोक कॉलोनी समेत कुछ अन्य इलाकाें में संचालित करने की अनुमति दी गई थी। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 2072 ई-रिक्शा और पांच ई-कार्ट वाहन पंजीकृत हैं।
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