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पूर्व सैनिकों ने बहादुरी के किस्से सुनाकर ताजा कीं यादें

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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3/5 गोरखा राइफल्स की स्थापना के 102 वर्ष पूरे होने पर पूर्व सैनिकों ने रविवार को सहस्त्रधारा स्थित एक रिजॉर्ट में जश्न मनाया। इस मौके पर विभिन्न युद्धों में शामिल रहे गोरखा राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने जांबाजी के किस्से सुनाकर पूरे माहौल में जोश भर दिया।
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सहस्त्रधारा स्थित एक रिजॉर्ट में कार्यक्रम का शुभारंभ ले. जनरल रिचर्ड खरे (सेनि.) ने किया। उन्होंने बताया कि पलटन की स्थापना 28 नवंबर 1916 को फिरोजपुर में हुई थी। पलटन ने प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध सहित कई युद्धों में सक्रिय भाग लिया। इस दौरान पलटन ने तीन कीर्ति चक्र, दो शौर्य चक्र, 13 सेना मेडल, चार पीवीएसएम, तीन एवीएसएम, चार वीएसएम व सीओएएफ से प्रशंसा पत्र और 1992 में ओपी रक्षक के दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल द्वारा प्रंशसा पत्र के अलावा कई खिताब ने अपने नाम किए। इससे पहले पलटन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद एक-दूसरे को मुबारकबाद देने के बाद सभी ने पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बच्चे और महिलाएं नेपाली संगीत पर खूब थिरकीं। इस मौके पर मेजर जन. एके प्रधान (सेनि.), ब्रिगेडियर सुरेश राव (सेनि.), कर्नल लोकेश शर्मा (सेनि.), कैप्टन ओम बहादुर गुरुंग (सेनि.), गंगाधर सुंद्रियाल, कैप्टन आरएस रावत (सेनि.), सूबेदार राजेश भंडारी (सेनि.), कैप्टन दलजीत सिंह थापा (सेनि.), सूबेदार धीरेंद्र गुरुंग (सेनि.), कैप्टन पूरन सिंह थापा (सेनि.), कैप्टन मोहन सिंह थापा (सेनि.), बटालियन के कई जेसीओ और जवान व उनके परिजन मौजूद रहे।
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