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समीर और नंदा समेत 16 के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र खारिज

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कोटद्वार। उद्योगपति समीर थापर और जयंत नंदा समेत 16 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में प्रस्तुत पौड़ी जिला पुलिस के आरोप पत्र को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने आरोप पत्र में पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव बताते हुए इसे त्रुटिपूर्ण बताया। पुलिस ने गत वर्ष लैंसडौन वन प्रभाग के रिजर्व फारेस्ट में वन कानूनों के उल्लंघन का मामला बताते हुए कोल्हूचौड़ फारेस्ट गेस्ट हाउस में नव वर्ष का जश्न मनाने आए 16 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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कोटद्वार के अधिवक्ता अरविंद वर्मा ने बताया कि पौड़ी पुलिस की ओर से गत वर्ष जनवरी माह में लैंसडौन वन प्रभाग के रिजर्व फारेस्ट में वन कानूनों के उल्लंघन के मामले में उद्योगपति समीप थापर, जयंत नंदा और उनके साथियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। तब इन लोगों को कई दिनों तक पौड़ी जेल में रहना पड़ा था। एसीजेएम और एडीजे कोर्ट से भी उन्हें जमानत नहीं मिल सकी थी। तब उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर 17 जनवरी, 2017 को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने गत वर्ष अप्रैल माह में इस मामले में एसीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। तब उद्योगपति समीर थापर समेत अन्य आरोपियों के अधिवक्ताओं ने आरोप पत्र को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। एक साल से अधिक समय से लंबित चल रहे इस मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस बीके बिष्ट की बेंच कर रही थी। बेंच ने मंगलवार को सुनवाई पूरी करते हुए पुलिस के आरोपपत्र में पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव और इसे त्रुटिपूर्ण पाते हुए खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में इस मामले की पैरवी बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ, मोहिंदर सिंह और अरविंद वर्मा कर रहे थे।
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