रुड़की/मंगलौर। कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन रुड़की और मंगलौर में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। जबकि जगह-जगह बाइकों की भिड़ंत में 150 से अधिक कांवड़िए घायल हो गए। पुलिस ने सभी घायलों को सिविल अस्पताल के अलावा क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया है।
बुधवार देर रात से बृहस्पतिवार दोपहर तक हाईवे और संपर्क मार्गों पर डाक कांवड़ियां को कब्जा रहा। बाइकसवार कांवड़िए बिना साइलेंसर के बाइक से दौड़ते नजर आए। भीड़ के चलते जगह-जगह बाइकों की भिड़ंत हुई। इनमें दो कांवड़ियों की मौत हो गई। रुड़की में एक हादसा उस समय हुआ जब हरिद्वार से जल लेकर गांव जा रहे बाइकसवार रोहिताश (पुत्र पुरण चंद निवासी टपार, ताजपुर, मुज्जफरनगर) शनिदेव मंदिर के पास पहुंचे तो उसकी एक बाइक से टक्कर हो गई। इसमें वह बुरी तरह घायल हो गया। पुलिस और साथी कांवड़ियों ने उसे एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रुड़की-दिल्ली हाईवे पर बुधवार देर रात हाईवे पर मंगलौर के पास डाक कांवड़ के ट्रक से एक कांवड़िया गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने उसे एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसकी पहचान हैप्पी पुत्र सोमपाल निवासी केवल पार्क, नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा भर कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वही अलग-अलग बाइक सड़क हादसों में विभिन्न जगहों से आए अरूण कुमार, कंवरपाल, मंदीप, मोनू, रामसिंह, सुनील कुमार, मंयक, आदित्य, केपी सिंह, दशरत, सुरेंद्र, रवि, दिनेश, मान सिंह, राजेंद्र सिंह, किशन, बबलू, पिंटू, अशोक, अभिषेक, हरीश, गौरव, प्रदीप, सचिन, दीपक, राजेंद्र कुमार, पंकज कुमार, सुल्तान सिंह, राजू, परमिंद्र, धीर सिंह, अजय, विरेंद्र, आदेश कुमार, सुभाष, रितिक, शशी, बलवा, लक्ष्मी, वरूण, रमेश कुमार, अर्जुन कुमार, इंशात, अंकित व लखन सिंह समेत कई कांवड़िए बाइकों की भिड़ंत में घायल हुए हैं। इन्हें उपचार के लिए पुलिस ने विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया है।